जबलपुर मेडिकल में पंगु व्‍यवस्‍था: चूहों ने कुतर दिए दो मरीजों और एक अटेंडर का पैर

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्‍पताल जबलपुर में व्‍यवस्‍था पंगु हो चुकी है। अस्‍पताल में चूहों ने दो मरीजों और एक अटेंडर के पैर कुतर दिए। यह घटना मेडिकल अस्‍पताल के मनोरोग विभाग की है। वार्ड में चूहे बढ़ने की शिकायत मेडिकल अस्‍पताल प्रशासन को कई बार की गई लेकिन इस पर ध्‍यान नहीं दिया गया।

मालूम होकि इंदौर के एमवाय अस्‍पताल में दो नवजातों की मौत चूहों के कुतरने से हो गई थी। इसके बाद भी अस्‍पताल प्रशासन ने सबक नहीं लिया। मे‍डिकल अस्‍पताल जबलपुर में घटना के बाद अस्‍पताल प्रशासन सतर्क हुआ और वार्डों में चूहों पर निगरानी बढ़ाई गई।

इस तरह हुए शिकार

मनोरोग विभाग में भर्ती 28 वर्षीय युवती को रात में चूहे ने पैर में काट दिया। उसने वार्ड में डॉक्‍टर को दिखाया तो उसे इंजेक्‍शन लगाए गए। इसी तरह 50 वर्षीय महिला और उसके बेटे को भी चूहों ने एडि़यों में काटा।

महिला के बेटे ने अपनी मां को इलाज के लिए भर्ती किया था। इन घटनाओं की शिकायत अस्‍पताल प्रशासन को की गई। अटेंडर का कहना है कि वार्ड में चूहों को देखकर पूर्व में भी शिकायत की गई थी लेकिन अस्‍पताल प्रशासन ने ध्‍यान नहीं दिया।

घटना होने का इंतजार क्‍यों

इंदौर के एमवाय अस्‍पताल में बड़ी घटना घटी थी। इसके बाद ही अस्‍पतालों को सतर्क हो जाना चाहिए था। जिन विभागों में चूहे हैं वहां ध्‍यान देना चाहिए था। लेकिन इंदौर की घटना के बाद यदि मेडिकल अस्‍पताल जबलपुर में वही घटना होती है तो इसका मतलब यहां सतर्कता नहीं बरती गई। पीडि़त अटेंडर ने भी वार्ड में चूहे होने की बात अस्‍पताल प्रशासन को कई बार बताई लेकिन इस ओर ध्‍यान नहीं दिया गया। जिसके बाद यह घटना घटी।

गंदगी से आ रहे चूहे

मेडिकल अस्‍पताल में कई जगह गंदगी है। सफाई व्‍यवस्‍था पर्याप्‍त नहीं होने से चूहे आ रहे हैं। सफाई के लिए प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया है लेकिन इसके बाद भी समुचित सफाई नहीं हो रही है। परिजन भी खाने का सामान कहीं भी फेंक रहे हैं जिसे खाने चूहे आते हैं।

अब जागा अस्‍पताल प्रशासन

इन घटनाओं के बाद मेडिकल अस्‍पताल प्रशासन जागा है। वार्डों में ट्रे व दवाएं वार्ड में रखी गईं। हालांकि डीन डॉ नवनीत सक्‍सेना का कहना है कि इंदौर अस्‍पताल की घटना के बाद मेडिकल अस्‍पताल परिसर में चूहों को नियंत्रित करने उपाय किए गए हैं। दवाएं रखी गईं हैं। मनोरोग विभाग में यह घटना हुई है इसके बाद टीम को निगरानी रखने निर्देश दिए गए हैं। अस्‍पताल में पेस्‍ट कंट्रोल कराया गया है।

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