प्रदेश में खुल रहे 5 नये आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में नवीन नियुक्तियां हों – डॉ राकेश पाण्डेय

भोपाल। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम, शहडोल, बालाघाट, मुरैना व सागर में नये आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खोले जाने का आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व निजी आयुर्वेद महाविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ राकेश पाण्डेय ने स्वागत किया है।
प्रदेश वा केंद्र सरकार से मांग की है कि नये पांचों आयुर्वेद कॉलेजों में टीचिंग स्टॉफ , नॉनटीचिंग स्टॉफ व हॉस्पिटल स्टॉफ के लिये नवीन नियुक्तियां की जावें। इससे नये युवाओं को शासकीय सेवा में आने का अवसर मिल सके। नेशनल आयुष मिशन के तहत इन कॉलेजों के साथ 100-100 बेडेड अस्पताल, 100 -100 सीटेट ब्वाइज व गर्ल्स छात्रावास, आवासीय परिसर व सेंट्रलाइज फॉर्मेसी भी खोली जावेंगी। सूत्र बताते हैं कि 1570 पदों की मंजूरी में आयुष डॉक्टर्स, पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टॉफ व अन्य की नियुक्तियां की जायेंगी। डॉ पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 350 से ज्यादा आयुर्वेद एमडी-एमएस पीजी डिग्रीधारी व 30 हजार से ज्यादा आयुर्वेद बीएएमएस नवीन डिग्रीधारी व्यवस्थित नौकरी के इंतजार में हैं।

इन पदों पर नवीन भर्तियां करना इनके हित में है। डॉ राकेश पाण्डेय ने केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव व माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से अनुरोध किया है कि वर्तमान में शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों में कार्यरत टीचिंग व हॉस्पिटल स्टॉफ की प्रतिनियुक्तियां व ट्रांस्फर इन नवीन कॉलेजों में नहीं करते हुये नवीन भर्तियां करने से कुछ हद तक बेरोजगार घूम रहे युवाओं को मौका दिया जावेगा तो बेहतर रहेगा। खासकर असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर तथा मेडिकल ऑफीसर्स की नवीन भर्तियां ही की जावें। सूत्र बताते हैं कि इन पांचों आयुर्वेद कॉलेजों को शासन की तरफ से जमीन आवंटित कर दी गई है। निश्चित रूप से नये आयुर्वेद कॉलेजों व संबद्ध अस्पताल खुलने से जहां छात्रों के कम फीस पर प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे वहीं मरीजों को लाभ मिल सकेगा। प्रदेश में वर्तमान में 07 शासकीय व 27 निजी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज हैं जो आगे बढ़कर इनकी संख्या 39 हो जावेगी।

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