
जबलपुर। मधुमेह पर नियंत्रण के लिए लोगों में जागरूकता जरूरी है। यह जानकारी मधुमेह पर आयोजित कांफ्रेंस में विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने दी।
राष्ट्रीय मधुमेह कॉन्फ़्रेंस का आयोजन
विशुद्ध हेल्थकेयर जनसेवा समिति द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन “डायबिटीज अक्रॉस लाइफ स्पैन” (Diabetes Across Life Span) का रविवार को होटल सत्य अशोका में आयोजन किया गया। इस कॉन्फ़्रेंस में मधुमेह (डायबिटीज) के क्षेत्र में आ रहे नए बदलावों और आधुनिक उपचार प्रणालियों पर देश के विख्यात चिकित्सकों ने गहन चर्चा की।
दिग्गज अतिथियों द्वारा भव्य उद्घाटन
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर डॉ. निखत जहाँ ब्रिगेडियर मध्य भारत द्वारा किया गया, जिन्होंने चिकित्सा जगत में निरंतर शैक्षणिक विकास के महत्व पर जोर दिया। ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में डॉ. नवनीत सक्सेना (माननीय अधिष्ठाता, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर) उपस्थित रहे, जिनके मार्गदर्शन ने इस आयोजन को एक मजबूत शैक्षणिक आधार प्रदान किया।
कार्यक्रम में डॉ. संजय मिश्रा (संयुक्त संचालक एवं सीएमएचओ), डॉ. रिचा शर्मा (अध्यक्ष, आईएमए जबलपुर) और डॉ. तापस चकमा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रयासों की सराहना की।
वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों की गहन चर्चा
वैज्ञानिक समिति का नेतृत्व डॉ. ऋतु गुप्ता (एचओडी मेडिसिन, जबलपुर) और डॉ. मनोज इंदुरकर (रीवा) ने किया। कॉन्फ़्रेंस के मुख्य वक्ता डॉ. सुनील गुप्ता (राष्ट्रीय अध्यक्ष, RSSDI) ने महिलाओं में गर्भधारण-पूर्व परामर्श और मधुमेह की रोकथाम के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करने पर विशेष प्रकाश डाला।
डॉ. नवनीत अग्रवाल और डॉ. संदीप जैन ने CGMS (कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम) और मधुमेह प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर चर्चा की। डॉ. सुधा राव ने नवजात शिशुओं में मधुमेह के आनुवंशिक विश्लेषण और डॉ. राजेश अग्रवाल ने युवाओं में मोटापे व मधुमेह की दोहरी महामारी पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. राजेश केशरी ने मधुमेह में विभिन्न प्रकार की फास्टिंग तकनीकों की उपयोगिता पर चर्चा की।
मधुमेह से जुड़ी जटिलताओं पर विशेष सत्र
सत्रों के दौरान डायबिटिक फुट (डॉ. मनीषा सिंह जादौन), किडनी की सुरक्षा (डॉ. नीरज जैन) और आंखों पर प्रभाव (डॉ. हिमांशु शुक्ला) जैसे गंभीर विषयों पर विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी।
युवा डॉक्टरों और छात्रों को मिला मंच
अकादमिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉन्फ़्रेंस में लगभग 20 ई-पोस्टर के माध्यम से युवा डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने मधुमेह से संबंधित अपने शोध प्रस्तुत किए।
200 से अधिक चिकित्सकों की सहभागिता
आयोजन अध्यक्ष डॉ. वी. के. भारद्वाज और आयोजन सचिव डॉ. अंकित सेठ ने बताया कि यह सम्मेलन चिकित्सा जगत के लिए ज्ञानवर्धन का एक उत्कृष्ट अवसर सिद्ध हुआ। इस आयोजन को आईएमए (IMA) जबलपुर, जबलपुर एंडोक्राइन सोसायटी, एपीआई (API), जेएपी (JAP), जॉग्स (JOGS) और हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से को-होस्ट किया गया। इसमें 200 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया।
आयोजन को सफल बनाने में रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. दीपक बहरानी, डॉ. परिमल स्वामी, डॉ. यतिश जैन, डॉ. रीति सेठ, डॉ. कनिका सेठ, डॉ. आकाश सेठ, मीडिया प्रभारी नितिन जैन, श्री संकेत मलैया और स्वयंसेवकों की टीम का विशेष योगदान रहा।
जबलपुर की सांस्कृतिक गरिमा और नर्मदा तट की शांति के बीच आयोजित इस कॉन्फ़्रेंस ने प्रतिभागियों को एक सुखद और समृद्ध शैक्षणिक अनुभव प्रदान किया।