मध्य प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं, खुलेंगे उन्नति के नए द्वार : उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच हुआ एमओयू

भोपाल/लखनऊ। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स, ट्रेवल एजेंट्स और होटल व्यवसाय से जुड़े हितधारकों के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लखनऊ के होटल ताज महल में पर्य़टन रोड शो का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह रोड शो आगामी माह में होने वाले मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट और रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव की तैयारियों के दृष्टिगत आयोजित किया गया।

इस रोड शो में मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और विशिष्ट अतिथि मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, उत्तर प्रदेश शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह रहे। ख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी, म.प्र. पर्यटन एवं संस्कृति विभाग प्रमुख सचिव व म.प्र. टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला तथा उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग मुकेश कुमार मेश्राम की गरिमामय उपस्थिति रही।

इस अवसर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से श्रीराम पथ गमन, श्रीकृष्ण पाथेय और बुद्ध सर्किट के अनुसंधान और विकास की दृष्टि से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया।

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मप्र में पर्यटन क्षेत्र में असीम क्षमता

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि किसी क्षेत्र में यदि औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति आ जाये तो उस क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होता है। ऐसे क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर सृजित होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास, पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण एवं प्रोत्साहन और पर्यटन क्षेत्र में निजी सहभागिता को बढ़ावा देकर सुनियोजित एवं एकीकृत प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से आज मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में असीम क्षमता और निवेश का आकर्षक क्षेत्र बन गया है।

पर्यटन आर्थिक, सामाजिक विकास की रीढ़

पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि पर्यटन किसी भी राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ है। वर्तमान में पर्यटन उद्योग वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पर्यटन अधोसंरचनाओं के निर्माण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश, अपनी प्राकृतिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक और धार्मिक संपदा के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने मध्यप्रदेश की पर्यटन नीति और निवेश के अवसरों पर चर्चा करते हुए, सभी को मध्यप्रदेश आने और प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित किया।

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मप्र-उप्र का सांस्कृतिक रूप से जुड़ाव

उत्तर प्रदेश शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक रूप से जुड़ाव रहा है। हमारे रीति–रिवाज, त्यौहार, खान–पान, रिश्ते–नाते एक जैसे हैं। मां गंगा से मांं नर्मदा तक की यह यात्रा न केवल पर्यटकों को सुखद अनुभूति प्रदान करेगी बल्कि हमें एक–दूसरे को और संबंधों को भी प्रगाढ़ करेगी।

गंगा-नर्मदा कॉरिडोर से खुलेगी पर्यटन की नई राह

शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से मध्य प्रदेश भारत का एक समृद्ध और विविधतापूर्ण राज्य है। उत्तर प्रदेश और म.प्र. के पर्यटन में काफी समानता है। बाबा महाकाल और बाबा काशीविश्वनाथ दुनियाभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। दोनों ही ज्योर्तिलिंग को जोड़ने के लिये काशी विश्वनाथ महाकाल एक्सप्रेस संचालित होती है।

गंगा और नर्मदा पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के तहत प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा। प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर इस गलियारे का हिस्सा होंगे। यह परियोजना दोनों राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करेगी।

मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत

रोड शो में मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचय कराया गया। 2024 में 13.41 करोड़ पर्यटक प्रदेश पहुंचे। धार्मिक स्थलों जैसे महाकाल, ओंकारेश्वर, चित्रकूट, मैहर और अमरकंटक ने पर्यटकों को आकर्षित किया। प्रदेश में 3 स्थायी और 15 टेंटेटिव मिलाकर कुल 18 यूनेस्को धरोहरें हैं।

मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट, चीता स्टेट और वल्चर स्टेट कहा जाता है। प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में पचमढ़ी, अमरकंटक, भेड़ाघाट, हनुवंतिया प्रमुख हैं। गोंड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र हैं।

यातायात कनेक्टिविटी और आतिथ्य

लखनऊ, वाराणसी, आगरा आदि शहरों से ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों तक हवाई, रेल और सड़क मार्ग की सुविधा उपलब्ध है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों में ताज, मैरियट, रेडिसन, रामाडा जैसे होटल हैं। साथ ही हेरिटेज होटल्स और होमस्टे भी उपलब्ध हैं।

पर्यटन निवेश की विशाल संभावनाएं

नई पर्यटन नीति 2025 के तहत पारदर्शी प्रक्रिया से ई-निविदा के माध्यम से भूमि आवंटन, 90 साल की लीज, स्टाम्प ड्यूटी की प्रतिपूर्ति आदि की सुविधा दी गई है। ₹100 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स के लिए सीधे भूमि आवंटन की व्यवस्था है।

फिल्म पर्यटन और मार्गदर्शन

फिल्म सुविधा प्रकोष्ठ (FFC) की स्थापना हुई है। अब तक 350 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अनुमति तय समय में दी जाती है। पर्यटकों के लिए यात्रा योजनाएं, टूर ऑपरेटर सूची और विशेषज्ञों की सहायता विभाग की वेबसाइट mptourism.com पर उपलब्ध है।

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