17 साल में नहीं बनी परिवार आईडी, तीन बच्चे शिक्षा और सरकारी योजनाओं से वंचित

देवकीनंदन सोनी

रेपुरा/पन्ना। पन्ना जिले के शाहनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बीरमपुरा में सरकारी व्यवस्था की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। यहां एक वाल्मीकि परिवार की 17 वर्ष की अवधि में भी परिवार आईडी नहीं बन सकी, जिसके चलते परिवार के तीन बच्चों को शिक्षा सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिवार का आरोप है कि परिवार आईडी नहीं होने के कारण बच्चों को मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है।

ग्राम बीरमपुरा निवासी राजकुमारी वाल्मीकि के परिवार में तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी का जन्म वर्ष 2009, बेटे का जन्म वर्ष 2011 तथा दूसरे बेटे का जन्म वर्ष 2014 में हुआ। परिवार के अनुसार तीनों बच्चों की परिवार आईडी आज तक नहीं बन सकी है।

कभी आधार तो कभी ओटीपी का दिया हवाला

परिवार आईडी नहीं बनने के संबंध में जब जिम्मेदारों से जानकारी ली गई तो अलग-अलग कारण सामने आते रहे। परिवार की ओर से बताया गया कि संबंधित जिम्मेदारों द्वारा कभी आधार कार्ड नहीं होने, कभी ओटीपी नहीं आने तो कभी अन्य तकनीकी समस्या का हवाला दिया गया।

मजदूरी के लिए बाहर रहता है परिवार का मुखिया

परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर बताई जा रही है। परिवार का मुखिया मजदूरी करने के लिए अक्सर बाहर रहता है, जिसके कारण परिवार को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते परिवार आईडी बना दी जाती तो बच्चों को शिक्षा सहित शासन की कई योजनाओं का लाभ मिल सकता था।

तीन बच्चों का भविष्य दांव पर

वर्ष 2009 में जन्मी बेटी अब किशोरावस्था पार कर चुकी है, जबकि दोनों बेटे भी स्कूल जाने की उम्र से आगे बढ़ चुके हैं। इसके बावजूद परिवार की मूल पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण आईडी का नहीं बनना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 17 साल की अवधि में परिवार आईडी नहीं बन पाना महज तकनीकी समस्या है या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही, इसकी जांच आवश्यक है।

जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि शासन लगातार प्रत्येक पात्र परिवार को योजनाओं से जोड़ने और बच्चों को शिक्षा का अधिकार देने की बात करता है, लेकिन बीरमपुरा जैसे मामले जमीनी हकीकत को सामने ला रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार की आईडी बनवाकर तीनों बच्चों को योजनाओं का लाभ दिलाता है या फिर यह परिवार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाता रहेगा।

परिवार की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर परिवार आईडी तत्काल बनवाई जाए तथा जिन योजनाओं से बच्चे अब तक वंचित रहे हैं, उनकी पात्रता के अनुसार उन्हें लाभ दिलाया जाए।

सीईओ ने कही जानकारी लेकर कार्रवाई की बात

मामले के संबंध में शाहनगर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। वे ग्राम पंचायत के सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से इस संबंध में चर्चा कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेंगे। इसके बाद ही मामले के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ बता सकेंगे।

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