
पन्ना। खाद बीज डिस्ट्रीब्यूटर लाइसेंस के नाम पर ठगी करने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके पास से कार वा नगदी भी जब्त किया गया है।
पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देशन में पन्ना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना शाहनगर क्षेत्र में खाद-बीज डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर किसानों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
ये था मामला
मामले की शुरुआत 18 अगस्त 2025 को हुई, जब ग्राम बोरी निवासी फरियादी मुकेश कुमार साहू ने थाना शाहनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे खाद-बीज डिस्ट्रीब्यूटर लाइसेंस दिलाने का झांसा देकर 2,34,500 रुपये की ठगी की गई है। इस पर थाना शाहनगर में मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
थाना प्रभारी शाहनगर निरीक्षक परशुराम डाबर ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री वंदना सिंह चौहान एवं एसडीओपी पवई भावना दांगी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
इस तरह चली जांच
पुलिस टीम ने घटनास्थल एवं संभावित मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया तथा साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। सघन प्रयासों के बाद टीम ने दो संदेहियों को उत्तर प्रदेश के सीतापुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथी के साथ मिलकर खुद को विभिन्न फर्टिलाइजर कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर किसानों को डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का लालच देने और लाइसेंस व खाद-बीज उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपीचंद्र श्रीवास्तव (42 वर्ष) एवं कन्हैया लाल यादव (32 वर्ष), दोनों निवासी जिला सीतापुर (उ.प्र.) के रूप में हुई है। वहीं एक अन्य आरोपी अनूप श्रीवास्तव अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये है तथा 15,000 रुपये नगद सहित कुल 5,15,000 रुपये का मशरूका जब्त किया है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पन्ना के अलावा कटनी, जबलपुर, झांसी एवं औरैया जिलों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी की घटनाएं की हैं। साथ ही वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र में भी अपना नेटवर्क फैलाने की तैयारी कर रहे थे।
इनका रहा सराहनीय योगदान
उल्लेखनीय है कि इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक परशुराम डाबर, उपनिरीक्षक मनोज यादव, प्रधान आरक्षक मनोज त्रिपाठी, आरक्षक रविंद्र, दिनेश यादव तथा पुलिस साइबर सेल टीम का सराहनीय योगदान रहा।
पन्ना पुलिस द्वारा आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य राज्यों और जिलों में हुई ठगी के मामलों का खुलासा होने की संभावना है।