गीला-सूखा कचरा अलग करने से लेकर कम्पोस्टिंग तक, छात्राओं ने समझी स्वच्छता की पूरी प्रक्रिया

जबलपुर। कचरे के बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय मोहनलाल हरगोविंददास गृह विज्ञान एवं विज्ञान महिला महाविद्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला में छात्राओं को कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण और जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लगभग 150 छात्राओं और 25 प्राध्यापकों ने सहभागिता की।

वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित कार्यशाला में नगर निगम जबलपुर के आईईसी एक्सपर्ट गणेश राव ने कचरा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यदि कचरे को घर या संस्थान के स्तर पर ही अलग-अलग कर दिया जाए तो उसके निपटारे की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।

उन्होंने छात्राओं को गीले और सूखे कचरे के अलावा जैविक तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निपटारे के तरीके बताए। जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया समझाते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा गया।

कचरे से बिजली उत्पादन की भी दी जानकारी

कार्यशाला के दौरान कठौंदा स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया गया। गणेश राव के अनुसार प्लांट में प्रतिदिन लगभग 600 टन कचरे का उपयोग बिजली बनाने के लिए किया जाता है। इससे करीब 11.5 मेगावाट बिजली उत्पादन होने की जानकारी दी गई। उन्होंने कचरे की बढ़ती मात्रा को वैश्विक चुनौती बताते हुए वैज्ञानिक प्रबंधन को आवश्यक बताया।

स्वच्छता को आदत बनाने का संदेश

कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को केवल कचरा प्रबंधन की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि इसे रोजमर्रा के व्यवहार में शामिल करने के लिए प्रेरित करना भी रहा। छात्राओं को घर और आसपास कचरे को अलग रखने, जैविक कचरे का उपयोग कम्पोस्टिंग में करने तथा ई-वेस्ट को निर्धारित प्रक्रिया के तहत निपटाने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. समीर कुमार शुक्ल के मार्गदर्शन में हुआ। प्राणी शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. साधना केसरवानी और वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराधा दवे के निर्देशन में कार्यशाला आयोजित की गई। सह संयोजक डॉ. परनाश्री मुखर्जी, डॉ. गीता चौबे और डॉ. प्रियंका दुबे रहीं। इस अवसर पर डॉ. निधि चौबे, डॉ. अजय बघेल, डॉ. गिरीश वर्मा, डॉ. राजकुमार गौतम सहित संबंधित विभागों के प्राध्यापक मौजूद रहे।