2000 से अधिक भागवत कथाओं के आयोजन पर परमहंस सदानंद जी महाराज को मिला ‘अंतर्राष्ट्रीय सनातन भागवत रत्न सम्मान’

पन्ना। श्री कृष्ण प्रणामी धाम कांच मंदिर, वृंदावन के वार्षिक महोत्सव में श्री 108 प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक परमहंस महाराज संत शिरोमणि सदानंद जी महाराज को धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय सनातन भागवत रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वृजभूमि कल्याण परिषद, श्रीधाम वृंदावन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. बिहारी लाल वशिष्ठ जी ने स्वयं उपस्थित होकर प्रदान किया।

परमहंस सदानंद जी महाराज द्वारा अब तक 2000 से अधिक श्रीमद्भागवत कथाओं के माध्यम से श्रीकृष्ण चरित्र, भक्ति और सनातन संस्कृति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया है। सम्मान पट्टिका में उनके श्रीकृष्ण प्रणामी निजानंद संप्रदाय एवं श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर, श्रीधाम वृंदावन से जुड़े धार्मिक योगदान के साथ गो-सेवा, मंदिर-आश्रम निर्माण तथा पीड़ित मानवता की सेवा का भी उल्लेख किया गया है।

संत-महात्माओं की उपस्थिति रही विशेष

वार्षिक महोत्सव में महामंडलेश्वर श्री रामदास जी महाराज, अयोध्या, श्री 5 पद्मावती पुरी धाम पन्ना के पुजारी पवन जी महाराज, श्री 108 प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट पन्ना के पूर्व सचिव राकेश कुमार शर्मा, स्वामी श्यामानंद जी महाराज, चंडीगढ़ तथा स्वामी शंकरानंद जी महाराज, हरिद्वार सहित आसन पर विराजमान संत-महात्माओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में दादी श्यामा पार्वती जी, मनीष भगत जी, पूजा जी महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

भक्ति किसी स्थान या पहचान की मोहताज नहीं : सदानंद जी महाराज

महोत्सव के दौरान संत-महात्माओं ने कहा कि यह अवसर आनंद और सौभाग्य का है। महाराज जी के सान्निध्य में भक्तों ने प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजन में सहभागिता की। उनके संदेश ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और आनंद का भाव जगाया।

इस अवसर पर भक्त को स्वयं भगवान का स्वरूप बताते हुए कहा गया कि भक्ति किसी बाहरी पहचान, स्थान, गद्दी या मंदिर तक सीमित नहीं है। सच्ची भक्ति मन के भीतर होती है। व्यक्ति वृंदावन में रहे या वृंदावन से बाहर, आश्रम में रहे अथवा अपने घर-परिवार में—यदि उसके हृदय में भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण है तो वही सच्ची भक्ति है।

कार्यक्रम के अंत में संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने परमहंस सदानंद जी महाराज को सम्मान प्राप्त होने पर शुभकामनाएं दीं और उनके आध्यात्मिक सेवा कार्यों की सराहना की।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा