जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले CJP के तीन नेता हिरासत में, दिल्ली में सुरक्षा सख्त

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में, ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम से लिया गया

नई दिल्ली। दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। हिरासत में लिए गए नेताओं में अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के नाम शामिल हैं। तीनों को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद हिरासत में लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। इससे पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।

प्रदर्शन से पहले कार्रवाई

CJP की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया था। आंदोलन के केंद्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे हैं। पार्टी के नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में नामों के सत्यापन को लेकर सवाल उठाए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती और आवाजाही पर प्रतिबंधों की खबरें भी सामने आई हैं।

SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध

CJP का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने प्रदर्शन का आह्वान किया था। आंदोलन के माध्यम से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाने की योजना थी।

ध्रुव राठी भी हिरासत में

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की खबर है। CJP नेताओं और ध्रुव राठी के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

तीन CJP नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद अब प्रदर्शन की आगे की रणनीति पर नजर रहेगी। हिरासत के संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी और नेताओं की स्थिति सामने आने के बाद घटनाक्रम की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।