
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व, विकासपरक नीतियों और सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य की प्राकृतिक संपदा, ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक केंद्रों, वन्यजीव अभयारण्यों और जनजातीय संस्कृति को पर्यटन के साथ स्थानीय आजीविका, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास से जोड़ने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का आयोजन किया गया।
राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) का सातवां संस्करण प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण रहा। इस आयोजन में 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटरों, देश के 15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों, होटल व्यवसायियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 600 से अधिक स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया। आयोजन के दौरान 10,263 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें हुईं। वन्यजीव, हेरिटेज, आध्यात्मिक, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विभिन्न आयामों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत किया गया।

ट्रैवल मार्ट में ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के सातवें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। ये प्रस्ताव लक्जरी होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। प्रस्तावित निवेश से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में आतिथ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ दूरदराज और कम विकसित पर्यटन क्षेत्रों में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने की संभावनाएं हैं। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं।

10,263 B2B बैठकें, पिछले संस्करण की तुलना में 14 प्रतिशत वृद्धि
व्यावसायिक संवाद और साझेदारी के लिहाज से आयोजन में कुल 10,263 B2B बैठकें हुईं। वर्ष 2025 के पिछले संस्करण में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं। इसकी तुलना में इस वर्ष लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इन बैठकों के माध्यम से स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संवाद का अवसर मिला। इससे आगामी वर्षों में व्यावसायिक साझेदारी और पर्यटन कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बनी हैं।
34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटरों ने दिखाई रुचि
ट्रैवल मार्ट में 34 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटरों ने सहभागिता की। पिछले वर्ष 27 देशों के लगभग 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस बार सात नए देशों की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय पहुंच का विस्तार हुआ। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन सहित विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की जैव विविधता, ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों में रुचि दिखाई। इससे आने वाले पर्यटन सत्रों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में मध्यप्रदेश की पहुंच बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों की भागीदारी
राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के आवागमन को बढ़ावा देने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटरों ने मार्ट में हिस्सा लिया। वर्ष 2025 में शामिल 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों की तुलना में इस बार 20 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के प्रमुख और उभरते पर्यटन केंद्रों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए स्थानीय भागीदारों के साथ संवाद किया। इससे अंतरराज्यीय पर्यटन नेटवर्क को मजबूत करने का अवसर मिला।
177 स्टॉल्स में आधुनिक आतिथ्य और पारंपरिक हस्तशिल्प की झलक
ट्रैवल मार्ट के प्रदर्शनी परिसर में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 स्टॉल लगाए गए। इनमें मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल एजेंसियां, साहसिक खेल अकादमियां, पारंपरिक शिल्पकार और ग्रामीण होमस्टे संचालक शामिल रहे। प्रदर्शनी ने खरीदारों और सेवा प्रदाताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराया तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद और कारोबारी साझेदारी को प्रोत्साहित किया।
सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स का ₹848.40 करोड़ का निवेश एमओयू
निवेश प्रस्तावों में सीहोर जिले के रामगढ़ में प्रस्तावित मेगा परियोजना प्रमुख रही। इसके लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹848.40 करोड़ के निजी निवेश का समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किए जाने की योजना है। परियोजना से 920 से अधिक कुशल और अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में राजसन होटल्स का ₹520 करोड़ का निवेश
वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच ₹520 करोड़ के निवेश का समझौता हुआ। कंपनी के निदेशक विनोद सिंह राजपुरोहित की ओर से प्रस्तुत कार्ययोजना के अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के परिधीय क्षेत्रों में आधुनिक वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित किए जाएंगे। धारणीय पर्यटन के मानकों पर आधारित इन परियोजनाओं से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
धरोहर संरक्षण, पर्यटक प्रशिक्षण और लक्जरी रिसॉर्ट्स में निवेश
ओरछा की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली और द्रोणह की शिखा जैन के साथ एमओयू किए गए। भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), ग्वालियर के साथ भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने तथा टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के उन्नयन के लिए भी समझौते किए गए।
निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव क्षेत्रों में ₹500 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा। रेनी ग्रुप ने मांडू की लगभग 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को ₹130 करोड़ की लागत से वेलकमहोटल बाय आईटीसी के रूप में विकसित करने तथा खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित ₹290 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव रखे।
सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा के मढ़ई में ताज सफारीज के साथ ₹100 करोड़ के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल ₹300 करोड़ के निवेश प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उच्चस्तरीय आतिथ्य सुविधाओं का विस्तार करना है।
ओंकारेश्वर में ₹200 करोड़ का रमाडा रिसॉर्ट, वन्यजीव परियोजनाओं में भी निवेश
एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक जितेंद्र सिंह ने बताया कि ओंकारेश्वर में ₹200 करोड़ की लागत से बन रहे रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने की योजना है। इसके साथ ही अन्य स्थलों पर ₹150 करोड़ का अतिरिक्त निवेश प्रस्तावित है।
वन्यजीव पर्यटन सर्किट में रामको ग्रुप ने ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ तक के सतत रिसॉर्ट विकसित करने में रुचि दिखाई। वराय होटल्स ने उज्जैन में ₹80 करोड़ के होटल और इवॉल्व बैक ने मांडू में ₹50 करोड़ के निवेश की योजना प्रस्तुत की। अनाशविश टाइगर कैंप ने द लीला के साथ लक्जरी परियोजनाओं पर भी चर्चा की।
ओरछा में ₹50 करोड़ का रिसॉर्ट, पन्ना के लक्ष्मीपुर पैलेस में हेरिटेज होटल
पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना को गति देने के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) प्रदान किए गए। मेसर्स पालिया कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के पार्टनर अनूप शर्मा को ऐतिहासिक नगरी ओरछा में ₹50 करोड़ के निवेश से आधुनिक रिसॉर्ट स्थापित करने के लिए एलओए सौंपा गया।
वहीं, वीरेंद्र जादौन और रत्न जादौन को पन्ना जिले के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में ₹10 करोड़ के निवेश से हेरिटेज होटल विकसित करने के लिए अनुबंध पत्र दिया गया। इससे रियासतकालीन धरोहर के संरक्षण के साथ पर्यटकों को ऐतिहासिक परिवेश में ठहरने का अनुभव उपलब्ध कराने की योजना है।
विकेंद्रीकृत पर्यटन विकास के तहत ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए भी लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्र स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई। इन केंद्रों पर यात्रियों को स्वच्छ प्रसाधन, खानपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
डिजिटल तकनीक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा
मध्यप्रदेश में पर्यटन को डिजिटल और वैश्विक पहचान देने के लिए एक्सप्लर्जर के साथ एमओयू किया गया। इसके तहत 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 क्यूआर कोड बोर्ड लगाने और एआई आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित करने की योजना है।
वहीं, ग्राम स्टे के साथ समझौते के माध्यम से ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की पहल की गई। इससे ग्रामीण परिवारों को पर्यटन गतिविधियों के जरिए सीधे आर्थिक लाभ मिलने की संभावनाएं हैं।
टीवीएफ और केआरएआरके के साथ करार, फिल्म पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मध्यप्रदेश को प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन हाउस द वायरल फीवर (TVF) और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ समझौता हुआ। टीवीएफ के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने पंचायत और गुल्लक जैसी वेब सीरीज की मध्यप्रदेश में हुई शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म निर्माण के अनुकूल बताया।
इस करार के तहत फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय युवाओं को सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन तकनीकों में कौशल विकास प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण से जुड़े अवसरों और स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
साहसिक पर्यटन के सुरक्षा मानकों के लिए एटीओएआई और नैट्रैक्स से एमओयू
साहसिक पर्यटन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के साथ पद्मश्री अजीत बजाज की उपस्थिति में समझौता हुआ। इसके तहत साहसिक गतिविधियों के लिए सुरक्षा मानक, मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) और स्थानीय गाइडों के प्रमाणन की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त एशिया के बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैकों में शामिल नैट्रैक्स (NATRAX) के निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल के साथ मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-टूरिज्म के विकास के लिए समझौता किया गया।
वन्यजीव पर्यटन में संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर चर्चा
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन की सफलता प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभ से तय होनी चाहिए। उन्होंने कूनो में चीता संरक्षण के साथ चंबल में डॉल्फिन और गिद्ध संरक्षण तथा अनूठे प्राकृतिक अनुभवों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
पर्यटन सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने सतत और संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत में जन्मी चीता द्वारा पांच शावकों को जन्म देने और रातापानी को नए बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया। विशेषज्ञों ने स्थानीय आतिथ्य सुविधाओं, पर्यटकों की सुरक्षा और गाइडों को प्रभावी कहानीकार के रूप में प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया।
₹37,576 करोड़ का राष्ट्रीय MICE बाजार, भोपाल-इंदौर को सम्मेलन केंद्र बनाने पर विमर्श
MICE एवं क्रिएटिव इकोनॉमी राउंडटेबल में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव और आईसीपीबी के चेयरमैन हरिकिशोर एस. ने बताया कि देश का MICE बाजार लगभग ₹37,576 करोड़ का हो चुका है। उन्होंने टियर-2 शहरों में बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर और भोपाल में प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र विकसित करने की संभावनाएं रेखांकित कीं। इसके साथ ही सिटी MICE प्रमोशन ब्यूरो गठित करने का सुझाव दिया।
विजक्राफ्ट के सह-संस्थापक सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बताते हुए संपूर्ण अनुभव पैकेज विकसित करने पर जोर दिया। वहीं, पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने वर्ष 2027 को एडवेंचर ईयर के रूप में मनाकर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।
एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट और एआई अवतार मोगली का आकर्षण
वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mptourism.com के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया। इसमें हिंदी और अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही 360-डिग्री व्यू, वीआर लिंक और एआई स्टोरीटेलिंग से युक्त डिजिटल एमपी ट्रैवल हैंडबुक का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव एआई अवतार मोगली ने आगंतुकों से संवाद कर उनकी रुचि के अनुरूप यात्रा कार्यक्रम तैयार करने में सहायता की।
पर्यावरण-अनुकूल आयोजन और प्रतिनिधियों के लिए स्थानीय गतिविधियां
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने आयोजन को सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और अधिक से अधिक पेपरलेस रखने का प्रयास किया। अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया गया और मिट्टी के कुल्हड़ों को प्रोत्साहित किया गया।
आयोजन के दौरान 149 प्रतिनिधियों ने भोपाल के कमला पार्क में हेरिटेज वॉक में भाग लिया। बड़े तालाब पर 120 अतिथियों ने शिकारा बोट राइड और वन विहार में 70 अतिथियों ने बर्ड वॉक का आनंद लिया। योग सत्र और हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
मां की रसोई में पारंपरिक स्वाद, अमृतस्य मध्यप्रदेश ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा
आयोजन के दौरान मां की रसोई में देशी-विदेशी मेहमानों को मध्यप्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिला। मेहमानों ने कोदो-मेथी भात, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफला, भटे का भरता और बुरहानपुर की ऐतिहासिक मावा जलेबी जैसे व्यंजनों का आनंद लिया।
सांस्कृतिक संध्या में मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों ने नृत्य नाटिका अमृतस्य मध्यप्रदेश प्रस्तुत की। इसमें भीमबेटका, खजुराहो, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आरती के दृश्यों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। प्रस्तुति में सिंहस्थ कुंभ 2028 की झलक भी दिखाई गई।
वैश्विक टूर ऑपरेटरों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों ने साझा किए अनुभव
केन्या के R12 Africa के निदेशक रिजवान मावजी और ऑस्ट्रेलिया के नवनीत मित्तल ने ट्रैवल मार्ट को वैश्विक नेटवर्किंग का उपयोगी मंच बताया। इंदौर के कालाकुंड से सूरज यादव, बांधवगढ़ के खितौली से कपिल गुप्ता और डिंडौरी से जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले जैनली समराम जैसे होमस्टे संचालकों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
होमस्टे संचालकों के अनुसार, आयोजन ने स्थानीय आतिथ्य सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का अवसर उपलब्ध कराया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संभावनाएं मिल सकती हैं।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की अन्य प्रमुख उपलब्धियां
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में वन्यजीव एवं सतत पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, MICE और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में नीति, अधोसंरचना, सुरक्षा मानकों, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विचार-विमर्श हुआ।
डिजिटल पर्यटन टूल्स, परिचयात्मक पर्यटन यात्राओं (FAM Tours), मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता तथा सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार के साथ आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इको विलेज और आर्टिजन पवेलियन में ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और सतत पर्यटन को प्रदर्शित किया गया।
पिछले 10 वर्षों में ₹3,963 करोड़ का निजी निवेश, 2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल की योजना
प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों के दौरान 91 शासकीय भूमि खंड और 12 हेरिटेज संपत्तियां लीज पर देकर ₹3,963 करोड़ का निजी निवेश आकर्षित किया गया। इससे 9,608 नए कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार सृजित हुए। वर्तमान में प्रदेश में 18 फाइव-स्टार होटल संचालित हैं। वर्ष 2027 तक 15 और नए फाइव-स्टार होटल विकसित करने की योजना है।
आयोजन के अंतिम दिन आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शनी के द्वार खोले गए। इसके माध्यम से लोगों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों, निवेश की संभावनाओं, पारंपरिक हस्तशिल्प और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से परिचित कराया गया।