

देशभर से चुने गए कार्यकारिणी सदस्य
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए विभिन्न राज्यों और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े सदस्यों का चयन हुआ है। इनमें प्रो. रामनाथन (आंध्र प्रदेश), प्रो. कौशिक उपाध्याय (कोलकाता), डॉ. जितेश टी. चावदा (गुजरात), प्रो. एन.वी. सत्यनारायण रेड्डी (आंध्र प्रदेश), प्रो. पी. हरि कृष्ण (तेलंगाना), डॉ. आनंद हुलागावली (बेंगलुरु), प्रो. आशीष जुनेजा (आईआईटी बॉम्बे), डॉ. श्रीवल्सा (कर्नाटक), डॉ. वी.बी. मांझी (तमिलनाडु) और श्री रत्नाकर रमेश महाजन (पुणे, महाराष्ट्र) शामिल हैं।
इसके अलावा डॉ. पार्वती जी.एस. (नई दिल्ली), डॉ. अनीता जी. पिल्लई (केरल), डॉ. एस.के. प्रसाद (मैसूर, कर्नाटक), डॉ. पालेपति रघुवीर राव (आईआईएससी बेंगलुरु), प्रो. विश्वास सावंत, प्रो. महेंद्र सिंह (आईआईटी रुड़की), इंजीनियर बी.वी. सुषमा (बेंगलुरु), डॉ. टी. त्यागराज (तमिलनाडु), डॉ. उन्नीकृष्णन (केरल) और इंजीनियर रवि किरन वैद्य (गुजरात) भी कार्यकारिणी सदस्य चुने गए हैं।
एसोसिएट और इंस्टीट्यूशन सदस्य भी चुने गए
चुनाव परिणामों के अनुसार, एसोसिएट सदस्य के तौर पर एमिल लिमिटेड, नई दिल्ली और गरबारे टेक्निकल फाइबर लिमिटेड, पुणे का चयन हुआ है। वहीं, इंस्टीट्यूशन सदस्य के रूप में सीबीआरआई रुड़की और आईआईटी नई दिल्ली चुने गए हैं।
आईजीएस की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में देश के विभिन्न क्षेत्रों और संस्थानों के प्रतिनिधियों को स्थान मिला है। जबलपुर के डॉ. संजय वर्मा का चयन शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।