
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी पन्ना में 20 अक्टूबर से अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ होगा। श्री 108 प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी सुंदरसाथ के पहुंचने की संभावना है। महोत्सव की धार्मिक परंपराओं, प्रमुख आयोजनों और तैयारियों की जानकारी देने के लिए रविवार को श्री प्राणनाथ धर्मशाला में ट्रस्ट की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें पदाधिकारियों ने मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि महोत्सव प्रेम, आनंद, आध्यात्मिक चेतना और मानव सेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।
प्रेस वार्ता में ट्रस्ट अध्यक्ष महेश भाई पटेल, उपाध्यक्ष डीके दुबे, सचिव प्रेमकिशोर शर्मा, प्रबंधक आशीष शर्मा तथा न्यासी राजेश शर्मा, प्रेमकुमार शर्मा, नरेंद्र धामी, चिदानंद शर्मा, अनिल धामी और दीप राज शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कृष्ण कुमार उर्फ छोटू ने किया।

दशहरा से शुरू हुईं धार्मिक परंपराएं, खेजड़ा मंदिर का विशेष महत्व
ट्रस्ट उपाध्यक्ष डीके दुबे ने बताया कि महोत्सव की धार्मिक गतिविधियां दशहरा से प्रारंभ हो चुकी हैं। खेजड़ा मंदिर में लगभग 400 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार पन्ना महाराज को बीड़ा एवं तलवार भेंट की जाती है। इस आयोजन में महाराज परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह परंपरा धाम की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में खेजड़ा मंदिर से निकलने वाली तेरस की सवारी शामिल है। इसमें देश-विदेश से आने वाले सुंदरसाथ श्रद्धा के साथ सहभागी बनते हैं। निर्धारित परंपरा के अनुसार श्री बंगला जी दरबार साहब से श्रीजी की सवारी निकाली जाएगी, जो रास मंडल मंदिर पहुंचेगी। यहां रासलीला सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

प्रेम, आनंद और सद्भाव का संदेश देगा महोत्सव
ट्रस्ट अध्यक्ष महेश भाई पटेल ने कहा कि पन्ना स्थित श्री 5 पद्मावती पुरी धाम, निजानंद संप्रदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां विभिन्न क्षेत्रों और देशों से आने वाले श्रद्धालु प्रेम एवं समर्पण के भाव से धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा की आराधना के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रेम, विश्वास और समर्पण ही भक्ति का मूल भाव है।
उन्होंने आध्यात्मिक जीवन में आंतरिक शांति और आनंद के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अहंकार, द्वेष और प्रतिस्पर्धा की भावना मनुष्य को अशांत करती है। आत्मचिंतन, सहिष्णुता और सद्भाव अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला से जुड़ी आध्यात्मिक परंपराएं भी प्रेम, समर्पण और आनंद की अनुभूति कराती हैं।
महेश भाई ने मानव सेवा को परमात्मा की सेवा बताते हुए जरूरतमंदों की सहायता, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और समाज में सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। उनके अनुसार, सेवा के साथ प्रेम का भाव जुड़ने पर व्यक्ति को आत्मिक संतोष प्राप्त होता है।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यवस्थाओं पर जोर
ट्रस्ट अध्यक्ष ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से साफ-सफाई, यातायात, सुरक्षा और सुचारु आवागमन की जरूरत भी बढ़ जाती है।
इस संबंध में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से सहयोग की अपेक्षा जताई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए ट्रस्ट, प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों के बीच समन्वय जरूरी है। महोत्सव पन्ना की धार्मिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाने के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच प्रेम, एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करता है।
प्रेस वार्ता के अंत में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने आयोजन की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया से सहयोग की अपील की। संचालक कृष्ण कुमार उर्फ छोटू ने उपस्थित अतिथियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों और पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।