
पन्ना। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पन्ना में भारतीय ज्ञान परंपरा में निजानंद संप्रदाय के योगदान पर केंद्रित व्याख्यान आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. जे.के. वर्मा के संरक्षण में हुए इस कार्यक्रम में निजानंद दर्शन, आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और जीवन मूल्यों पर विचार रखे गए। इस अवसर पर ‘निजानंद दर्शन’ पुस्तक का विमोचन किया गया और विद्यार्थियों को पुस्तकें वितरित की गईं। पुस्तक पर आधारित परीक्षा अगले माह आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में श्री 108 प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश भाई पटेल, उपाध्यक्ष दया कृष्ण दुबे और सचिव प्रेम किशोर शर्मा उपस्थित रहे। अमेरिका से आए प्राणनाथ वैश्विक चेतना अभियान के मनु भाई ए. पटेल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं की सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुआ। इसके बाद विजय शर्मा ने महाराजा छत्रसाल के व्यक्तित्व और वीरता पर आधारित गीत प्रस्तुत किया।

निजानंद दर्शन और जीवन मूल्यों पर जोर
मुख्य वक्ता मनु भाई ए. पटेल ने भारतीय ज्ञान परंपरा में निजानंद संप्रदाय के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने निजानंद दर्शन की मूल भावना, आत्मिक चेतना, आंतरिक आनंद, सकारात्मक चिंतन और जीवन मूल्यों की महत्ता समझाई। उन्होंने विद्यार्थियों को श्रेष्ठ विचार अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण, विचार और जीवन दृष्टि को समृद्ध बनाना भी है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे.के. वर्मा ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ संस्कारों को भी महत्व देने का आह्वान किया।

महामति प्राणनाथ जी के विचारों से एकता का संदेश
श्री 108 प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष दया कृष्ण दुबे ने महामति प्राणनाथ जी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कौमी एकता, सामाजिक समानता, मानवता और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महामति प्राणनाथ जी की शिक्षाएं समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा देती हैं। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता और एकता के लिए प्रासंगिक हैं।
पुस्तक पर आधारित परीक्षा में मिलेंगे पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान ‘निजानंद दर्शन’ पुस्तक का विमोचन किया गया और विद्यार्थियों को पुस्तकें वितरित की गईं। विद्यार्थियों में पुस्तक अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने और निजानंद दर्शन के विचारों से परिचित कराने के उद्देश्य से आगामी माह में पुस्तक पर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. बी.एन. जायसवाल, डॉ. राजेश पटेल, डॉ. सतीश त्रिपाठी, डॉ. आभाष तिवारी, डॉ. रावेन्द्र पाठक, डॉ. प्रशांत चौबे, डॉ. संजय सोनी, डॉ. अरविंद तिवारी, डॉ. आशीष पटेल, डॉ. पुष्पा त्रिपाठी, सुश्री वैशाली रजक, डॉ. रिंकू सिंह, डॉ. सावित्री गर्ग, डॉ. पुनीत दुबे, डॉ. मनमोहन तिवारी, सूरज पटेल और विक्रम लोध सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन डॉ. पियूषा शर्मा ने किया। अंत में ट्रस्ट अध्यक्ष महेश भाई पटेल ने अतिथियों, प्राचार्य, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, निजानंद संप्रदाय के विचारों के प्रचार-प्रसार तथा विद्यार्थियों में समानता, सद्भाव, सेवा और सकारात्मक जीवन दृष्टि को प्रोत्साहित करना रहा।
रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा