भक्ति रस में सराबोर हुआ मंदिरों का शहर पन्ना, श्रीजी की सवारी में शामिल हुए हजारों सुंदरसाथ

खेजड़ा मंदिर से निकली श्री जी की भव्य सवारी, देश-विदेश से पहुंचे हजारों सुंदरसाथ

पन्ना। मंदिरों के शहर पन्ना में शुक्रवार शाम भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर प्राचीन खेजड़ा मंदिर से अखंड मुक्तिदाता महामति श्री प्राणनाथ जी की भव्य सवारी निकाली गई। सवारी में देश-विदेश से पहुंचे हजारों सुंदरसाथ और साधु-संतों ने सहभागिता की। भजन-कीर्तन और श्री जी के जयकारों से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया।

शुक्रवार शाम पांच बजे धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ खेजड़ा मंदिर से श्री जी की सवारी प्रारंभ हुई। दिव्य सवारी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से सुंदरसाथ पन्ना पहुंचे। वहीं अमेरिका, कनाडा और नेपाल सहित विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने भी सवारी में शामिल होकर अपनी श्रद्धा अर्पित की। साधु-संतों की उपस्थिति ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ाया।

जगह-जगह आरती और पुष्पवर्षा से स्वागत

श्री जी की सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी तो श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने जगह-जगह उसका भव्य स्वागत किया। लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों के सामने आरती उतारकर अपनी आस्था प्रकट की। सवारी पर पुष्पवर्षा कर श्री जी का अभिनंदन किया गया। देश-विदेश से आए सुंदरसाथ का भी आत्मीय स्वागत हुआ। भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं और श्री जी के जयकारों से नगर का माहौल भक्तिमय बना रहा।

सद्गुरु के सम्मान और समर्पण का प्रतीक है तेरस की सवारी

पन्ना में श्री जी की तेरस की सवारी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। प्रणामी धर्म की परंपरा में इसे सद्गुरु महामति श्री प्राणनाथ जी के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। मान्यता है कि बुंदेलखंड केशरी महाराजा छत्रसाल ने सद्गुरु के सम्मान में इस परंपरा की शुरुआत की थी। तभी से यह आयोजन शरद पूर्णिमा महोत्सव की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।

श्री जी की भव्य सवारी श्रद्धालुओं के लिए केवल शोभायात्रा नहीं, बल्कि गुरु-भक्ति, आध्यात्मिक चेतना और प्रेम-सद्भाव का प्रतीक है। इस आयोजन के दौरान पन्ना की धरती देश-विदेश से आए सुंदरसाथ की आस्था और श्रद्धा से सराबोर नजर आई।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा