
जबलपुर। दीपावली से पहले 1 और 2 नवंबर को दो दिन खरीदारी के महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। दोनों ही दिन नए कार्य की शुरुआत, भूमि-भवन, वाहन, सोने-चांदी के आभूषण और बही खाते आदि की खरीदारी के लिए शुभ माने जा रहे हैं। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों का विशेष महत्व है। इनमें पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में की गई खरीदारी स्थायी समृद्धि प्रदान करती है।
पुष्य नक्षत्र में सोना खरीदना विशेष शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में भूमि और भवन जैसी स्थायी संपत्ति खरीदना स्थायी सुख का कारक माना गया है। नया व्यवसाय शुरू करने से उत्तरोत्तर प्रगति होने की मान्यता है। इस दिन बही खाते, धार्मिक पुस्तकें, सोने, चांदी, तांबे और स्फटिक आदि से निर्मित मूर्तियां, यंत्र और सिक्के खरीदना भी शुभ माना जाता है। इस विशेष योग-संयोग में गहने खरीदना, नई प्रॉपर्टी लेना या फ्लैट बुक कराना लाभकारी माना जाता है। साथ ही नए कामों की शुरुआत करना भी सफलतादायक हो सकता है।

1 नवंबर को बनेगा रवि पुष्य योग
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार इस वर्ष दीपावली से पूर्व रवि पुष्य योग का संयोग 1 नवंबर 2026 को प्राप्त हो रहा है। उनके अनुसार इस दिन पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ प्रातः 10:16 बजे होगा और सोमवार 2 नवंबर 2026 को प्रातः 8:50 बजे तक रहेगा। ऐसी स्थिति में रवि पुष्य योग में खरीदारी का विशेष महत्व रहेगा।
1 और 2 नवंबर को आठ-आठ शुभ संयोग बनने की बात कही गई है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार ऐसा संयोग 128 वर्षों बाद बन रहा है।
1 नवंबर को पुष्य नक्षत्र के साथ शंख, लक्ष्मी, शश, हर्ष, सरल, साध्य, मित्र और गजकेसरी योग रहेंगे। इन शुभ योगों के साथ पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि गुरु की राशि में रहेगा। मंगल और चंद्रमा की युति इस योग को सर्वविजयी योग के रूप में स्थापित कर रही है। मान्यता है कि इन शुभ संयोगों में की गई खरीदारी और प्रॉपर्टी में निवेश लंबे समय तक लाभ दे सकता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार रविवार 1 नवंबर को पुष्य नक्षत्र के साथ शंख, लक्ष्मी, शश, हर्ष, सरल, साध्य और मित्र योग रहेंगे। इन शुभ संयोगों में की गई खरीदारी और प्रॉपर्टी में निवेश लंबे समय तक फायदा दे सकता है।
सोमवार 2 नवंबर को पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि, शुभ, श्रीवत्स, अमला, वाशि और सरल योग बनने की बात कही गई है। इन संयोगों को निवेश, लेन-देन और नई शुरुआत के लिए शुभ माना गया है। इस दिन घर में नई वस्तुएं लाना भी अत्यंत शुभ बताया गया है। रवि पुष्य नक्षत्र के साथ अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी उल्लेख किया गया है। मान्यता है कि रवि पुष्य नक्षत्र में किसी भी वस्तु की खरीदारी शुभ फल देती है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। इस दिन किए गए निवेश से लाभ मिलने की संभावना मानी जाती है।
राशि के अनुसार जानें किस क्षेत्र में करें खरीदारी और निवेश
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे ने बताया कि राशि के अनुसार रवि पुष्य योग में किन क्षेत्रों में निवेश और खरीदारी करना अनुकूल माना जाता है।
मेष
मेष राशि का स्वामी मंगल है। मंगल पृथ्वी का पुत्र है और इसका वर्ण रक्त के समान माना गया है। इस राशि के जातक जमीन, मकान, खेती और उससे जुड़े उपकरण, मेडिकल से संबंधित उपकरण, वाहन, खनिज और कोयले में निवेश कर सकते हैं। इन्हें शेयर और केमिकल में निवेश करने से बचना चाहिए। हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
वृषभ
इस राशि का स्वामी शुक्र है। शुक्र चंचल ग्रह है और चंद्रमा इस राशि में उच्च का होता है। इस राशि के लोगों को अनाज, कपड़ा, चांदी, शकर, चावल, सौंदर्य सामग्री, परफ्यूम, दूध और उससे बने पदार्थ, प्लास्टिक, खाद्य तेल, ऑटो पार्ट्स, वाहन में लगने वाली एसेसरीज, कपड़ों से संबंधित शेयर और रत्नों में निवेश करने या खरीदारी करने से लाभ हो सकता है।
जमीन, खनिज, कोयला, रत्न, सोना, चांदी, तांबा, आधुनिक यंत्र और विदेशी दवाइयों में भी निवेश कर सकते हैं। शनि एवं रवि पुष्य पर चंद्रमा के लिए घी का दीपक जलाएं।
मिथुन
इस राशि का स्वामी बुध है। बुध चंद्रमा को अपना शत्रु मानता है। बुध व्यापार करने वालों को लाभ देने वाला ग्रह माना जाता है। इस राशि के लोगों को सोने में निवेश करना चाहिए। कागज, लकड़ी, पीतल, गेहूं, दालें, कपड़ा, स्टील, प्लास्टिक, तेल, सौंदर्य सामग्री, सीमेंट, खनिज पदार्थ, पशु, पूजन सामग्री और वाद्य यंत्र आदि का व्यापार करने, खरीदारी करने या इनमें निवेश करने से लाभ हो सकता है।
चांदी, शक्कर, चावल, सूखे मेवे, लोहा, इत्र, दवाइयों और पानी से संबंधित पदार्थों में भी निवेश कर सकते हैं। शहद से श्रीयंत्र का अभिषेक करें और सफेद वस्त्रों का दान करें।
कर्क
कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है। यह राशि व्यवसाय के साथ नौकरी में भी सफलता देने वाली मानी जाती है। इस राशि के लोग चांदी, चावल, शकर, कपड़ा उत्पाद करने वाली कंपनियों के शेयर, प्लास्टिक, अनाज, लकड़ी, बैनर, केबल, फिल्म उद्योग, खाद्य सामग्री, आधुनिक उपकरण और बच्चों के खिलौनों से संबंधित क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं।
तेल, सोना, पीतल, वाहन, दूध से बने पदार्थ, पशु, रत्न और विदेशी दवाई कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। गणेशजी को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
सिंह
इस राशि का स्वामी सूर्य है, जो चंद्रमा का मित्र है। इस राशि के लोग सोना, गेहूं, कपड़ा, औषधियां, रत्न, सौंदर्य सामग्री, परफ्यूम, शेयर और जमीन-जायदाद में निवेश कर सकते हैं।
तकनीकी उपकरण, वाहन, फिल्म उद्योग, प्लास्टिक, केबल तार, कागज और खाद्य पदार्थों में भी निवेश कर सकते हैं। हनुमानजी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
कन्या
इस राशि का स्वामी बुध है। इस राशि के लोगों को शिक्षा, सोना, औषधियां, केमिकल, फर्टिलाइजर्स, चमड़े से बने सामान, खेती और खेती के उपकरणों में निवेश करना चाहिए। जमीन, चांदी, सीमेंट, ट्रांसपोर्ट, पशु और जल से जुड़े कार्यों में निवेश सोच-समझकर करें। लक्ष्मी-गणेश को लड्डू का भोग लगाएं।
तुला
इस राशि का स्वामी शुक्र है। इस राशि के लोग लोहा, सीमेंट, स्टील, दवाइयों, केमिकल, चमड़े, फर्टिलाइजर्स, कपड़ा, तार, कोयला, रत्न, प्लास्टिक और आधुनिक यंत्रों (कंप्यूटर, कैमरे, टेलीविजन आदि बनाने वाली कंपनियों) में निवेश कर सकते हैं या खरीदारी कर सकते हैं। जमीन, मकान, खेती और खेती संबंधी उपकरणों तथा वस्त्रों में निवेश विशेषज्ञ से परामर्श लेकर करें। श्रीयंत्र का पूजन करें और सूर्य को दूध अर्पित करें।
वृश्चिक
इस राशि का स्वामी मंगल है। चंद्रमा इस राशि में नीच का होता है। इस राशि के लोग जमीन, मकान, दुकान, खेती, सीमेंट, रत्न, खनिज, खेती और मेडिकल से संबंधित सामग्री, कागज तथा वस्त्रों में निवेश कर सकते हैं या खरीदारी कर सकते हैं। कुंडली में यदि चंद्रमा पर शनि की दृष्टि हो तो तेल, केमिकल और तरल पदार्थों में निवेश करें। श्रीसूक्त और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु
इस राशि का स्वामी गुरु है। गुरु व्यापारियों को लाभ देने वाला ग्रह माना जाता है। सोने और अनाज के व्यापार में यह ग्रह लाभ पहुंचाता है। इस राशि के लोग आभूषण, रत्न, सोना, अनाज, कपास, चांदी, शकर, चावल, औषधियां, सौंदर्य सामग्री और दूध से बने पदार्थों में निवेश कर सकते हैं। तेल, केमिकल, खनिज, खदान, कोयला, केबल तार, शीशा, लकड़ी, जमीन, मकान, सीमेंट और लोहे से संबंधित क्षेत्रों में भी निवेश कर सकते हैं। सरसों के तेल से श्रीयंत्र का अभिषेक करें।
मकर
इस राशि का स्वामी शनि है। शनि चंद्रमा से शत्रुता रखता है। इस राशि के लोगों को लोहा, केबल, तेल, खाद्य सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, यंत्र, खनिज पदार्थ, खेती के उपकरण, वाहन, मेडिकल उपकरण, वस्त्र, इत्र और सौंदर्य सामग्री में निवेश करने या खरीदारी करने से लाभ हो सकता है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
कुंभ
इस राशि का स्वामी भी शनि है। मकर राशि की तरह ही इस राशि के लोग लोहा, केबल, तेल, खाद्य सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, यंत्र, खनिज, खेती के उपकरण, वाहन, मेडिकल उपकरण और वस्त्रों में निवेश कर सकते हैं। भगवान कुबेर का पूजन करें और अदरक का दान करें।
मीन
इस राशि का स्वामी गुरु है। गुरु चंद्रमा का मित्र है। इस राशि पर वर्तमान में गुरु की दृष्टि है। इस राशि के लोग आभूषण, रत्न, सोना, अनाज, कपास, चांदी, शकर, चावल, औषधियां, सौंदर्य सामग्री, दूध से बने पदार्थ और पशुओं के व्यापार में निवेश करने से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
डिस्क्लेमर: इस समाचार में दी गई ज्योतिषीय जानकारी, शुभ-अशुभ योग और राशि के अनुसार खरीदारी एवं निवेश संबंधी सुझाव ज्योतिषीय मान्यताओं तथा संबंधित ज्योतिषाचार्य के विचारों पर आधारित हैं। इनकी वैज्ञानिक प्रमाणिकता का दावा नहीं किया जाता।