
जबलपुर। भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय विभाग द्वारा संचालित प्रदेश के सभी बालिका आश्रम शालाओं व छात्रावासों के नाम रानी दुर्गावती के नाम पर होंगे। इसके अलावा जनजातीय विभाग द्वारा संचालित प्रदेश के सभी बालक आश्रम शालाओं और छात्रावासों के नाम राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह के नाम पर रखे जाएंगे। अगले साल 5000 छात्रावासों के अधीक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आधारताल में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।
जबलपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह
जबलपुर में शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर आज जनजातीय गौरव दिवस का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्यमंत्री डॉ कुंवर विजय शाह, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन हुआ।
क्रांति गोड़ का सम्मान
क्रांति गोड़ का हुआ सम्मान
इस अवसर पर महिला वर्ल्ड कप विजेता टीम की सदस्य क्रिकेटर क्रांति गोड़ सहित जनजातीय समाज के प्रमुखों एवं पद्मश्री भज्जू श्याम, पद्म अर्जुन सिंह धुर्वे, तीरंदाज रागिनी मार्को, सृष्टि सिंह का सम्मान किया गया।
सीएम का रोड शो
कार्यक्रम के पहले सीएम डॉ मोहन यादव रोड शो में शामिल हुए।
राज्यपाल ने देखी प्रदर्शनी
बिरसा मुंडा जयंती पर जनजातीय जीवन उत्सव पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें आदिवासी समाज की परंपराओं , संस्कृति और कला का समावेश को देखकर राज्यपाल ने सराहना की। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं – क्रांति गोड़
समय बदल रहा है आज महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं। यह बात महिला वर्ल्ड कप विजेता टीम की सदस्य क्रिकेटर क्रांति गोड़ ने मीडिया से कही। क्रांति गोड़ राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शनिवार को जबलपुर पहुंची। उन्होंने कहा कि महिलाओं की खेलों में बढ़ती भागीदारी पर अपनी बात कही।
उन्होंने कहा कि लड़कियां अब रसोई तक सीमित नहीं रह गईं हैं वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी। लड़कियों का क्रिकेट में रुझान बड़ रहा है। अकादमी में अब 30 से अधिक लड़कियां प्रशिक्षण ले रही हैं जहां पहले 4-5 लड़कियां आती थीं। क्रांति ने कहा कि दर्शक अब स्टेडियम में आते हैं, मैच में दर्शक दीर्घा फुल रहती हैं। महिला वर्ल्ड कप क्रिकेट की लोकप्रियता का बड़ा मोड़ है।