
पन्ना। दक्षिण पन्ना वनमण्डल में आयोजित गिद्ध गणना 2026 के प्रथम दिवस पर कुल 942 गिद्ध दर्ज किए गए, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है। वर्ष 2025 में 762 तथा 2024 में 648 गिद्धों की गणना की गई थी। इस वर्ष दर्ज की गई उल्लेखनीय वृद्धि से क्षेत्र में किए जा रहे संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आए हैं।
सात प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज
गणना के दौरान वनमण्डल क्षेत्र में कुल 7 प्रजातियों के गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें इंडियन (लॉन्ग-बिल्ड) गिद्ध, इजिप्शियन (व्हाइट स्कैवेंजर) गिद्ध, व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध, हिमालयन ग्रिफन, यूरेशियन ग्रिफन, सिनेरेयस (ब्लैक) गिद्ध तथा रेड-हेडेड (किंग) गिद्ध शामिल हैं। इनमें इजिप्शियन गिद्धों की संख्या सर्वाधिक पाई गई, जो इस क्षेत्र के लिए उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।
पवई परिक्षेत्र में सर्वाधिक गणना
विभिन्न गणना दलों द्वारा सर्वाधिक गिद्ध पवई परिक्षेत्र में दर्ज किए गए। यहां की टीमों का नेतृत्व परिक्षेत्र अधिकारी नितेश पटेल द्वारा किया गया। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक आवास, पर्याप्त भोजन स्रोत एवं सुरक्षित वातावरण गिद्धों की संख्या बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और प्रशिक्षण
गणना कार्य में गिद्ध विशेषज्ञ मोहनदास नागवानी ने दक्षिण पन्ना वनमण्डल की टीमों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी पंकज चौधरी ने भी गिद्धों की पहचान, उनके व्यवहार और संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से गणना प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक एवं सटीक बनाया गया।
मौसम का प्रभाव, बढ़ सकती है कुल संख्या
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रथम दिवस पर मौसम अपेक्षाकृत ठंडा एवं आंशिक रूप से बादलों से ढका रहा, जिससे कुछ क्षेत्रों में गिद्धों की गतिविधियां सीमित रहीं। यदि आगामी दिनों में मौसम अनुकूल रहता है तो कुल संख्या 1000 से अधिक दर्ज होने की संभावना व्यक्त की गई है।
संरक्षण प्रयासों को मिली मजबूती
लगातार बढ़ती गिद्ध संख्या यह दर्शाती है कि वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण, जनजागरूकता एवं आवास संरक्षण के प्रयास प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण सफाईकर्मी माने जाते हैं और उनकी बढ़ती उपस्थिति क्षेत्र की जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत है। दक्षिण पन्ना वनमण्डल में गिद्ध गणना 2026 के परिणाम वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं।
रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा