गुप्तेश्वर महादेव का दिव्य नर्मदेश्वर श्रृंगार, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

जबलपुर। सावन माह के पावन अवसर पर भगवान शिव की आराधना का क्रम गुप्तेश्वर मंदिर में निरंतर जारी है। परम पूज्य गुप्तेश्वर पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी मुकुंद दास जी महाराज के पावन सानिध्य में आज भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव का दिव्य नर्मदेश्वर श्रृंगार किया गया। विशेष श्रृंगार के बाद भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

सायंकाल मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य नर्मदेश्वर स्वरूप के दर्शन किए। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक भगवान का पूजन-अर्चन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। सावन माह में भगवान शिव की आराधना और दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मंदिर परिसर में धार्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा।

दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्त हुए भावविभोर

भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव के नर्मदेश्वर श्रृंगार के दौरान उनके स्वरूप को विशेष रूप से सजाया गया। श्रृंगार के बाद भगवान का स्वरूप अत्यंत मनोहारी दिखाई दिया। सायंकाल दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष नमन किया और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। भक्तों ने भगवान से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की।

सावन माह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव के नित्य नवीन श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रत्येक दिन भगवान के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन भक्तों को भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रहे हैं।

सेवा एवं पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं ने निभाई सहभागिता

आज के श्रृंगार एवं सेवा कार्य में सर्वेश रजक, एड. राजेश तिवारी, राजेंद्र त्रिपाठी, सत्यम मिश्रा, अंकित द्विवेदी एवं एड. उत्कर्ष रावत विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव की सेवा, पूजा-अर्चना एवं श्रृंगार कार्य में सहभागिता की। सेवा के दौरान श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति आस्था और समर्पण का भाव दिखाई दिया।

श्रद्धालुओं ने भगवान के नर्मदेश्वर स्वरूप के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। मंदिर में भगवान के दर्शन के साथ भक्तों ने सावन माह की आध्यात्मिक भावना को आत्मसात किया और भगवान शिव की आराधना की।

सावन में प्रतिदिन हो रहे नित्य नवीन श्रृंगार

गुप्तेश्वर सेवा समिति द्वारा सावन माह में प्रतिदिन भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव के नित्य नवीन एवं मनोहारी श्रृंगार किए जा रहे हैं। समिति की इस पहल के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान के विभिन्न दिव्य स्वरूपों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।

प्रतिदिन होने वाले अलग-अलग श्रृंगार के कारण मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को भगवान का नवीन स्वरूप देखने का अवसर मिलता है। श्रद्धालु इन श्रृंगारों को भगवान की भक्ति और आराधना का विशेष माध्यम मानकर उत्साह के साथ दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

गुप्तेश्वर मंदिर में बना भक्तिमय वातावरण

नर्मदेश्वर श्रृंगार के अवसर पर मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर अपनी मनोकामनाएं भगवान के चरणों में अर्पित कीं। सावन माह में भगवान शिव की विशेष आराधना के चलते मंदिर में धार्मिक गतिविधियों का क्रम लगातार जारी है।

गुप्तेश्वर सेवा समिति द्वारा किए जा रहे नित्य नवीन श्रृंगारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। नर्मदेश्वर श्रृंगार भी इसी धार्मिक श्रृंखला का हिस्सा रहा, जिसमें भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।

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