सीजेपी के अभिजीत दीपके को जमानत, शांति बॉन्ड की शर्त पर दिल्ली में रिहाई

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत से राहत, 16 अक्टूबर के तिरंगा मार्च से पहले लिया गया था हिरासत में

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली में पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद अदालत से राहत मिली है। शनिवार, 17 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने पर उन्हें सशर्त जमानत देने का आदेश दिया गया। शांति बनाए रखने से संबंधित बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई हुई।

दीपके को 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस ने हिरासत में लिया था। यह प्रदर्शन राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित किया जाना था। मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाने की योजना थी।

तिरंगा मार्च से पहले पुलिस ने लिया था हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कार्रवाई की थी। इसके बाद दीपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत से सशर्त जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ और बॉन्ड से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की गई।

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विरोध

कॉकरोच जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों से लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया का बचाव करता रहा है।

प्रस्तावित मार्च में राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करने की योजना थी। इसके मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर भी सवाल उठाए गए।

शांति बॉन्ड की शर्त पर मिली राहत

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद अभिजीत दीपके को सशर्त जमानत मिली। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें शांति बनाए रखने से संबंधित बॉन्ड भरने की शर्त पूरी करनी थी। यह घटनाक्रम मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है।