
नई दिल्ली। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने भारत सरकार के उस निर्णय का हार्दिक स्वागत किया है, जिसके तहत अब वैक्सीन, एंटीमाइक्रोबियल, नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक ड्रग्स तथा एंटी-कैंसर दवाओं को शेड्यूल H2 के अंतर्गत लाते हुए बारकोड एवं क्यूआर कोड आधारित ट्रेसबिलिटी को अनिवार्य किया गया है।
यह दूरदर्शी कदम है
एआईओसीडी के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे एवं महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि यह दूरदर्शी कदम नकली और निम्न-स्तरीय दवाओं के विरुद्ध लड़ाई को मजबूत करेगा तथा दवा आपूर्ति श्रृंखला में जनता का विश्वास और भी बढ़ाएगा। निर्माण से लेकर विक्रय तक दवा की ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करना जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और फार्मा क्षेत्र की साख बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
एआईओसीडी इस पहल का पूर्ण समर्थन करती है और देशभर के 12 लाख से अधिक केमिस्ट्स के अपने नेटवर्क के माध्यम से इसके सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन देती है। साथ ही, संगठन यह आग्रह करता है कि खुदरा विक्रेताओं और वितरकों को आवश्यक प्रशिक्षण, जागरूकता और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए , सरकार देश के केमिस्टों को साथ लेकर इस कार्य को करें ।ताकि यह प्रणाली सभी स्तरों पर प्रभावी रूप से कार्य कर सके ।
एआईओसीडी आव्हान करती है कि सभी मिलकर भारत की दवा आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय एवं गुणवत्ता की दृष्टि से वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएं।