
नई दिल्ली। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 16 फरवरी 2026 को आयोजित 93वीं ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख एजेंडा बिंदुओं (2, 5, 7, 9 एवं 12) के संबंध में अध्यक्ष एवं सचिव, DTAB को अपना विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया है।
“एआईओसीडी के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे एवं महासचिव राजीव सिंघल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, दवाओं के तर्कसंगत उपयोग तथा नियमबद्ध औषधि वितरण प्रणाली की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अवैध एवं अनियंत्रित ई-फार्मेसियों के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जो रोगी सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण हैं तथा लाइसेंसधारी ऑफलाइन केमिस्टों की व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।”
एआईओसीडी के ज्ञापन के मुख्य बिंदु:
* एजेंडा 2 (गुड डिस्ट्रीब्यूशन प्रैक्टिसेज – GDP):
एआईओसीडी ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है, बशर्ते इसे चरणबद्ध एवं व्यावहारिक रूप से लागू किया जाए, सभी हितधारकों को विश्वास में लेकर उनके सुझावों को शामिल किया जाए तथा छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर कोई अनावश्यक भार न डाला जाए।
* एजेंडा 5 (शेड्यूल H, H1 एवं X दवाओं का विज्ञापन):
AIOCD ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है, यह कहते हुए कि इससे स्व-चिकित्सा, दुरुपयोग एवं दवाओं के व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान प्रतिबंध को यथावत बनाए रखने की मांग की गई है।
* एजेंडा 7 (नियम 64 में संशोधन – सक्षम व्यक्ति):
प्रस्तावित संशोधन को अव्यावहारिक एवं बोझिल बताते हुए इसका विरोध किया गया है, विशेषकर MSME थोक विक्रेताओं पर इसके दुष्प्रभाव एवं आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान की आशंका जताई गई है।
* एजेंडा 9 (निकोटीन गम 2 मि.ग्रा. के लिए शेड्यूल K छूट):
निकोटीन की लतकारी प्रकृति एवं संभावित दुरुपयोग को देखते हुए AIOCD ने इस प्रस्ताव का स्पष्ट विरोध किया है तथा इसे केवल लाइसेंसधारी केमिस्टों के माध्यम से ही बिक्री करने की अनुशंसा की है।
* एजेंडा 12 (एलोपैथिक थोक विक्रेताओं द्वारा होम्योपैथिक दवाओं का भंडारण):
इस प्रस्ताव का स्वागत किया गया है, साथ ही उचित रिकॉर्ड संधारण एवं अतिरिक्त अनुपालन भार से बचने के सुझाव दिए गए हैं। ज्ञापन में संस्था ने , अवैध ई-फार्मेसियों द्वारा इसके दुरुपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की है।
गंभीर चिंता:
एआईओसीडी ने बिना वैध लाइसेंस के संचालित अवैध ई-फार्मेसियों के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है। साथ ही GSR 817 एवं GSR 220 जैसे प्रावधानों को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया है, क्योंकि ये नियामकीय अस्पष्टता एवं दुरुपयोग को बढ़ावा देते हैं।
एआईओसीडी ने DTAB से एजेंडा 5, 7 एवं 9 के प्रस्तावों को अस्वीकार करने, एजेंडा 2 को हितधारकों के परामर्श से लागू करने तथा एजेंडा 12 को संतुलित तरीके से शीघ्र लागू करने का अनुरोध किया है। एआईओसीडी ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं नियमबद्ध औषधि वितरण प्रणाली सर्वोपरि रहनी चाहिए।