
नईदिल्ली। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने भारत सरकार द्वारा गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन को युक्तिसंगत बनाने के निर्णय का स्वागत किया है। संगठन ने इसे जीवनरक्षक दवाओं को मरीजों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सरकार ने गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं के लिए व्यापार मार्जिन को MRP के 30% तक सीमित करने का निर्णय लिया है। इस कदम से कई महंगी दवाओं की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
AIOCD लगातार सरकार, फार्मास्यूटिकल्स विभाग, NPPA तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष युक्तिसंगत और पारदर्शी MRP निर्धारण का मुद्दा उठाता रहा है। संगठन लंबे समय से यह मांग करता रहा है कि PTR और MRP के बीच अत्यधिक अंतर को एक स्पष्ट रूप से परिभाषित और समान मूल्य निर्धारण व्यवस्था के माध्यम से संबोधित किया जाना चाहिए।
AIOCD का 42% मानदंड
AIOCD के इसी सिद्धांत को सरकार द्वारा वर्ष 2019 में 42 गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं के लिए अपनाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों ब्रांडों के MRP में उल्लेखनीय कमी आई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 526 ब्रांडों के MRP में औसतन लगभग 50% की कमी की गई थी।
AIOCD के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे एवं महासचिव राजीव सिंघल ने कहा:
“कैंसर की दवाओं की कीमतों का युक्तिसंगतीकरण मरीजों के व्यापक हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। AIOCD ने पारदर्शी MRP निर्धारण व्यवस्था तथा जहां उपयुक्त हो, PTR पर 42% मानदंड लागू करने की मांग को लेकर बार-बार ज्ञापन एवं अभ्यावेदन प्रस्तुत किए हैं।”
उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि MRP फार्मास्यूटिकल निर्माता द्वारा निर्धारित एवं मुद्रित किया जाता है और इसलिए किसी भी अत्यधिक मार्क-अप का समाधान उसी स्तर पर किया जाना चाहिए, जहां से वह निर्धारित होता है। वास्तविक एवं ईमानदार केमिस्टों और वितरकों को आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी स्तर पर निर्धारित MRP के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
किफायती और पारदर्शी दवा मूल्य निर्धारण की दिशा में
AIOCD ने सरकार से आग्रह किया कि इसी वैज्ञानिक, पारदर्शी और समान दृष्टिकोण को अन्य आवश्यक एवं महंगी दवाओं पर भी लागू किया जाए, जहां असंगत MRP पाया जाता है।
संगठन ने दोहराया कि एक संतुलित मूल्य निर्धारण नीति में एक साथ निम्नलिखित सुनिश्चित होना चाहिए:
- मरीजों के लिए किफायती दवाएं;
- युक्तिसंगत एवं पारदर्शी MRP निर्धारण;
- उचित एवं टिकाऊ व्यापार मार्जिन;
- दवाओं की निर्बाध उपलब्धता; तथा
- संपूर्ण फार्मास्यूटिकल आपूर्ति श्रृंखला में निष्पक्षता।
AIOCD ने आशा व्यक्त की कि वर्तमान पहल मरीजों एवं आम जनता के व्यापक हित में युक्तिसंगत MRP निर्धारण के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति का मार्ग प्रशस्त करेगी।