
अयोध्या न्यास एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, चित्रांजलि समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय चित्रांजलि का भव्य शुभारंभ नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की कलाधिका में हुआ।
राम उत्सव चित्रांजलि प्रदर्शनी में देशभर से आए छायाचित्र
मूर्धन्य फोटो पत्रकार स्वर्गीय महेंद्र चौधरी की स्मृति में आयोजित “राम उत्सव चित्रांजलि” प्रदर्शनी के लिए देशभर से 3200 से अधिक छायाचित्र प्राप्त हुए, जिनमें से चयनित चित्रों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में राम मंदिर उद्घाटन के दौरान देशभर में आयोजित विभिन्न उत्सवों के आकर्षक छायाचित्रों को स्थान दिया गया।
प्रमुख अतिथियों ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रदर्शनी का उद्घाटन महंत कमल नयन दास जी महाराज, मणिरामदास छावनी अयोध्या, सुरेश भैय्याजी जोशी, दिया कुमारी उप मुख्यमंत्री राजस्थान, मनोज सिन्हा उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर, राम बहादुर राय अध्यक्ष इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र एवं डॉ. सच्चिदानंद जोशी सदस्य सचिव इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, आलोक जैन ट्रस्टी सहित अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।
कॉफी टेबल बुक का हुआ विमोचन
इस अवसर पर एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने इसे एक महत्वपूर्ण एवं संग्रहणीय दस्तावेज बताया।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मंच देने का उद्देश्य
अयोध्या पर्व का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और परंपराओं को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करना तथा अयोध्या की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में सुरेश भैय्याजी जोशी, दिया कुमारी एवं मनोज सिन्हा , रामबहादुर राय ने अपने विचार व्यक्त किए।
चित्रांजलि के विजेताओं में सोमनाथ पॉल कोलकाता, धनराज उदय काडला पंढरपुर महाराष्ट्र, गणेश नामदेव मुंबई तथा राम उत्सव श्रेणी में सोनू यादव इंदौर, राजू पवार एवं सतीश लाल हैदराबाद को सम्मानित किया गया।
समिति के सदस्य संजीव चौधरी, धीरज पटेल, सोनू सचदेवा, मनोज श्रीवास्तव एवं अभिषेक यादव ने अतिथियों का स्वागत किया।
अयोध्या के भविष्य की नगर योजना पर हुआ विचार-विमर्श
इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में अयोध्या के समग्र विकास एवं भविष्य की नगर योजना पर गहन विचार-विमर्श किया गया। “भविष्य की अयोध्या : नगर योजना” विषय पर आयोजित इस विमर्श में प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। अयोध्या को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध तथा वैश्विक पहचान दिलाने हेतु व्यापक योजनाओं पर चर्चा की गई।