
भोपाल। प्रदेश समेत देशभर के 550 से ज्यादा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में संचालित सत्र 2025-26 बीएएमएस आयुर्वेद पाठ्यक्रम परीक्षा का राष्ट्रीय एकेडमिक कैलेंडर नेशनल कमीशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन नईदिल्ली (एनसीआईएसएसएम) ने जारी कर दिया है। ज्ञात रहे कि सत्र 2025-26 में नीट आधार पर प्रदेश समेत देशभर के आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में साढ़े पांच वर्षीय यूजी डिग्री बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एण्ड सर्जरी (आयुर्वेदाचार्य बीएएमएस) में प्रवेश हो चुके हैं।
ये है एकेडमिक कैलेंडर
एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार फर्स्ट प्रॉफ के प्रथम टर्म एग्जाम अप्रैल 2026 माह के तीसरे अथवा चौथे सप्ताह में होंगे। सेकेण्ड टर्म परीक्षा अक्टूबर 2026 माह के तीसरे अथवा चौथे सप्ताह में होंगे। मुख्य विश्वविद्यालय परीक्षा मार्च 2027 के तीसरे सप्ताह में होगी। परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल 2027 के पूर्व जारी करना होगा।
सेकेण्ड प्रॉफ का फर्स्ट टर्म परीक्षा अक्टूबर 2027 माह के तीसरे अथवा चौथे सप्ताह में, सेकेण्ड टर्म अप्रैल 2028 माह के तीसरे अथवा चौथे सप्ताह में होगा। मुख्य विश्वविद्यालय परीक्षा सितंबर 2028 माह के तीसरे सप्ताह में होगी। परिणाम 31 अक्टूबर 2028 के पूर्व जारी करना होगा।
थर्ड प्रॉफ की फर्स्ट टर्म परीक्षा अप्रैल 2029 माह के तीसरे अथवा चौथे सप्ताह में, सेकेण्ड टर्म परीक्षा अक्टूबर 2029 माह के तीसरे अथवा चौथे सप्ताह में होगी। मुख्य यूनिवर्सिटी परीक्षा मार्च 2030 माह के तीसरे सप्ताह में होंगी। परिणाम 30 अप्रैल 2030 के पूर्व जारी करना होगा।
2025-26 बैच की अनिवार्य एक वर्ष की इंटर्नशिप 01 मई 2030 से प्रारंभ होगी। मध्यप्रदेश में 39, उत्तरप्रदेश में 84, राजस्थान में 09, छत्तीसगढ़ में 08, बिहार में 05 समेत देशभर में 550 से ज्यादा आयुर्वेद कॉलेज संचालित हैं।
छात्र हित में कैलेंडर जारी होना
एनसीआईएसएम द्वारा एकेडमिक कैलेंडर जारी होना चिकित्सकीय छात्रों के हित में है। निजी विश्वविद्यालय तो समय से परीक्षा कराते हैं परंतु शासकीय विश्वविद्यालयों द्वारा लेटलतीफी चिंता का विषय है। परीक्षायें लेट होने से छात्र कई बार कॉम्पटीटिव परीक्षाओं से वंचित रह जाते हैं।
— डॉ राकेश पाण्डेय
कार्य. अध्यक्ष — निजी आयुर्वेद महा. शिक्षक कल्याण संघ