
जबलपुर। श्री बगलामुखी सिद्धपीठ शंकराचार्य मठ सिविक सेंटर मढ़ाताल में विश्वकल्याणर्थ पौष मास के पावन अवसर पर मास पर्यंत चल रही सूर्योपासना का प्रथम रविवार विशेष रूप से मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्मचारी श्री चैतन्यानन्द जी महाराज ने सर्वप्रथम भगवान सदाशिव का महारुद्राभिषेक किया। तत्पश्चात् भगवान श्री सूर्य नारायण को अर्घ्य प्रदान किया गया और पाटल्य पुष्पों से सहस्त्रार्चन संपन्न हुआ। वैदिक ब्राह्मणों के मंत्रोच्चारण के साथ सभी भक्तों ने भावपूर्वक पूजा में सहभागिता निभाई।
रविवार को सूर्यवार कहा गया
ब्रह्मचारी श्री चैतन्यानन्द जी महाराज ने बताया कि रवि का पर्यायवाची सूर्य ही है, अतः रविवार का अर्थ सूर्यवार भी है। सूर्यवार भगवान सूर्य का विशेष दिवस माना गया है। भगवान सूर्य से संबंधित व्रत, जप, तप, अर्घ्यदान एवं अन्य पूजन कार्य मुख्यतः रविवार को ही किए जाते हैं। इनके व्रत का विधान भी इसी दिन निर्धारित किया गया है, जिसका पालन करने से मनुष्य रोगमुक्त और दीर्घायु होता है।
आदित्यहृदय स्तोत्र में सूर्य को कहा गया शत्रुघ्न
उन्होंने बताया कि आदित्यहृदय स्तोत्र में भगवान सूर्य को ‘शत्रुघ्न’ कहा गया है, अर्थात सूर्य देव शत्रुओं का नाश करने वाले हैं। आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन करना अत्यंत शुभ माना गया है, किंतु पौष मास में इसका विशेष महत्व है और इसका पाठ अवश्य करना चाहिए।
भक्तों की उपस्थिति
पूजन में उपस्थित प्रमुख भक्तों में डॉ. संजय मिश्रा, नीता पटेल, मधु यादव, आलोक तिवारी, रजत खम्परिया, शशांक मिश्रा, श्वेता सिंह, डॉ. गुड्डा रुसिया, अदम्य वाजपेई, नेहा तरुण कटहल, मुक्ता वसुंधरा पाण्डेय, गोविंद साहू, मनोज सेन आदि सम्मिलित रहे।