
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझान में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे हो गए हैं। विजय सिन्हा पीछे चल रहे थे, लेकिन अब आगे हो गए हैं। वहीं तेजस्वी यादव राघोपुर से अब आगे हो गए हैं। चुनाव आयोग ने अभी तक 137 सीटों के रुझान जारी कर दिए हैं। जिसमें भाजपा 44, जेडीयू 43, आरजेडी 24, कांग्रेस 5 व एलजेपीआर 12, हम 3 सीटों पर आगे है। वहीं अन्य सोर्स के अनुसार एनडीए 133, महागठबंधन 72 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। मोकामा से अनंत सिंह आगे चल रहे हैं। मैथिली ठाकुर आगे चल रहीं हैं। तेजप्रताप यादव पीछे चल रहे हैं।
बिहार चुनाव परिणाम एनडीए और महागठबंधन के बीच शुरुआती दौर में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर है। पोस्टल बैलेट में सीमांचल की 24 सीटों पर महागठबंधन को बढ़त है। वहीं भोजपुर, कोसी, चंपारण में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर चल रही है। करीब 150 सीटों के शुरुआती रुझान में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर दिख रही है। हालांकि कांग्रेस का प्रदर्शन शुरुआती रुझानों में कमजोर है।
बीजेपी 47 सीट जेडीयू 40 सीट आरजेडी 50 सीट कांग्रेस 12 सीट पर आगे है। शुरुआती रुझानों में महागठबंधन 74, एनडीए 95 जनसुराज 0 व अन्य 2 पर आगे हैं। यह सुबह 53 मिनट की काउंटिंग के चुनाव परिणाम हैं। चुनाव आयाेग की अधिकारिक जानकारी में पांच सीटों पर भाजपा बढ़त बनाए हुए है। बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी शुरूआती रुझान में पीछे चल रहे हैं।
बिहार में आज यह तय हो जाएगा कि किसके सिर पर सत्ता का ताज सजेगा। क्या नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे या तेजस्वी यादव की जेडीयू-आरजेडी गठबंधन सरकार बनेगी- इसका फैसला आज, शुक्रवार 14 नवंबर को मतगणना के बाद साफ हो जाएगा। सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो चुकी है और पूरे राज्य में परिणामों को लेकर उत्सुकता चरम पर है।
मतगणना से पहले उत्साह और इंतजार
एनडीए, महागठबंधन और जनसुराज पार्टी- तीनों के कार्यालयों में उत्साह और प्रतीक्षा का माहौल है। कहीं लड्डू और गुलाब जामुन की तैयारी है तो कहीं कार्यकर्ताओं के चेहरे पर तनाव झलक रहा है। एग्जिट पोल में अलग-अलग तस्वीरें सामने आई थीं। कुछ ने एनडीए को बढ़त दी थी, जबकि कुछ में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर बताई गई थी। अब अंतिम फैसला जनता के वोट से तय होगा।
दो चरणों में हुआ था मतदान
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुआ था। पहले चरण में 61.56% और दूसरे चरण में 74.03% मतदान हुआ। दोनों चरणों को मिलाकर कुल 67.13% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
फैक्ट फाइल: चरणवार मतदान का विवरण
पहला चरण:
महिला मतदाता- 1,76,77,219 (69.04%)
पुरुष मतदाता- 1,98,35,325 (61.56%)
दूसरा चरण:
महिला मतदाता- 1,74,68,852 (74.03%)
पुरुष मतदाता- 1,95,44,041 (64.1%)
कुल मतदाता:
महिला मतदाता- 3,51,45,791 (71.6%)
पुरुष मतदाता- 3,93,79,366 (62.8%)
कुल मतदान- 67.13%
पुरुष और महिला मतदाताओं का अंतर- 42,33,575
महिला मतदाताओं ने दिखाया बढ़-चढ़कर उत्साह
पहले चरण में महिलाओं का मतदान पुरुषों से 7.48% अधिक रहा, जबकि दूसरे चरण में यह अंतर 9.93% तक पहुंच गया। कुल मिलाकर महिलाओं का मतदान पुरुषों की तुलना में 8.8% अधिक रहा। यह स्पष्ट संकेत है कि महिला वोटर्स ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई है।
ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत
इस बार का 67.13% मतदान बिहार के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक है। 1951 के बाद यह सबसे ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है। पुरुषों में 62.8% और महिलाओं में 71.6% मतदान दर्ज किया गया है। हालांकि ये आंकड़े फिलहाल अस्थायी हैं।
जब-जब बढ़ा मतदान, तब-तब बदली सरकार
ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि जब भी मतदान प्रतिशत में 5% से अधिक की वृद्धि हुई, सत्ता परिवर्तन हुआ।
- 1967 में 7.04% वृद्धि- कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई।
- 1980 में 6.77% वृद्धि- कांग्रेस ने जनता पार्टी को हराया।
- 1990 में 5.77% वृद्धि- जनता दल ने कांग्रेस को हराया।
- 2010 में 6.88% वृद्धि- नीतीश कुमार ने सरकार बनाई।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार बढ़े हुए मतदान के बाद जनता ‘प्रो-इंकम्बेंसी’ यानी सरकार के समर्थन में वोट करती है या ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ यानी बदलाव के पक्ष में। महिला और युवा वोटर्स का रुझान इस बार का सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है।