
पटना। चुनाव आयोग ने 241 सीट के रुझान घोषित किए जिसमें सुबह 11 बजे तक एनडीए को बढ़त मिल रही है। इसमें जेडीयू 75 सीट पर आगे चल रही है वहीं बीजेपी 82 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। महागठबंधन में आरजेडी 36 सीटों पर आगे है वहीं कांग्रेस केवल 7 पर आगे चल रही है। एलजेपीआरवी 22 सीट पर आगे चल रही है। सीपीआईएमएल 6, एचएमएस 4, एआइएमआइएम 2, राष्ट्रीय लोक मोर्चा 1, सीपीआइएम 1, बीएसपी 1 पर आगे है।
ये चल रहे आगे.
तारापुर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी आगे चल रहे हैं। अलीनगर से बीजेपी की मैथली ठाकुर 4573 वोटों से आगे चल रही हैं।
जेडीयू ने 4 सीट मुस्लिम केंडिडेंट्स को दी, 3 पर आगे
जेडीयू ने 4 सीट मुस्लिम उम्मीदवार को दी जिसमें 3 सीट पर वे बढ़त बनाए हुए हैं। अररिया से शगुफ्ता अजीम, जोकिहार से मंजर आलम, अमोर से सबा जफर आगे चल रहे हैं।
इस चुनाव में क्या खास
इस चुनाव में नीतीश कुमार वर्सेस तेजस्वी यादव रहा। हालांकि बीजेपी ने पहले नीतीश कुमार का नाम सीएम फेस के लिए घोषित नहीं किया केवल उनके नेतृत्व में चुनाव की बात की लेकिन पहले चरण के बाद बीजेपी ने नीतीश कुमार के पोस्टर लगवाए क्योंकि यह पता चल गया था कि नीतीश कुमार के नाम से ही बिहार में वोट मिल सकते हैं। महिलाओं को दस हजार रुपए खाते में देने से भी महिला वोट एनडीए की ओर आया। वैसे भी नीतीश कुमार की ओर महिला वोटर्स हमेशा रहा है।
इस बार 8.8 प्रतिशत महिलाओं ने वोट किया। वहीं महागठबंधन में तेजस्वी यादव ने काफी प्रयास किया महिला, युवाओं और अन्य वोटर्स को अपनी ओर खींचने की। उन्होंने 30 हजार रुपए महिलाओं के खाते में एक मुश्त राशि डालने की घोषणा की। हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी का वादा किया। इसके बाद भी वे खुद भी तेजस्वी यादव 11 बजे तक घोषित रुझानों में पीछे चल रहे हैं। इस चुनाव में यह भी खास है कि मोकामा से अनंत सिंह आगे चल रहे हैं। बिहार चुनाव पूरी तरह से नीतीश कुमार पर केंद्रित रहा। ऐसा रुझानों से प्रतीत हो रहा है।
फैक्ट फाइल: चरणवार मतदान का विवरण
पहला चरण:
महिला मतदाता- 1,76,77,219 (69.04%)
पुरुष मतदाता- 1,98,35,325 (61.56%)
दूसरा चरण:
महिला मतदाता- 1,74,68,852 (74.03%)
पुरुष मतदाता- 1,95,44,041 (64.1%)
कुल मतदाता:
महिला मतदाता- 3,51,45,791 (71.6%)
पुरुष मतदाता- 3,93,79,366 (62.8%)
कुल मतदान- 67.13%
पुरुष और महिला मतदाताओं का अंतर- 42,33,575
महिला मतदाताओं ने दिखाया बढ़-चढ़कर उत्साह
पहले चरण में महिलाओं का मतदान पुरुषों से 7.48% अधिक रहा, जबकि दूसरे चरण में यह अंतर 9.93% तक पहुंच गया। कुल मिलाकर महिलाओं का मतदान पुरुषों की तुलना में 8.8% अधिक रहा। यह स्पष्ट संकेत है कि महिला वोटर्स ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई है।
ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत
इस बार का 67.13% मतदान बिहार के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक है। 1951 के बाद यह सबसे ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है। पुरुषों में 62.8% और महिलाओं में 71.6% मतदान दर्ज किया गया है। हालांकि ये आंकड़े फिलहाल अस्थायी हैं।
जब-जब बढ़ा मतदान, तब-तब बदली सरकार
ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि जब भी मतदान प्रतिशत में 5% से अधिक की वृद्धि हुई, सत्ता परिवर्तन हुआ।
1967 में 7.04% वृद्धि- कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई।
1980 में 6.77% वृद्धि- कांग्रेस ने जनता पार्टी को हराया।
1990 में 5.77% वृद्धि- जनता दल ने कांग्रेस को हराया।
2010 में 6.88% वृद्धि- नीतीश कुमार ने सरकार बनाई।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार बढ़े हुए मतदान के बाद जनता ‘प्रो-इंकम्बेंसी’ यानी सरकार के समर्थन में वोट करती है या ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ यानी बदलाव के पक्ष में। महिला और युवा वोटर्स का रुझान इस बार का सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है।