बिहार में वोटों की बरसात: पहले चरण में 64.7% वोटिंग, सत्ता की चाबी किसके हाथ?

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में जबरदस्त मतदान हुआ। 6 नवंबर को हुए मतदान में शाम 5 बजे तक 64.7% वोटिंग दर्ज की गई। मतदाताओं में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। इस बंपर वोटिंग ने चुनावी पंडितों और राजनीतिक विश्लेषकों को नए अनुमान लगाने पर मजबूर कर दिया है।

बंपर वोटिंग से बढ़ी हलचल

पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान हुआ, जो पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। लगभग 27 साल बाद इतना अधिक मतदान हुआ है। इससे पहले वर्ष 1998 में 64.46% मतदान हुआ था। 2020 के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 59.29% था। इस बार मतदान में आई बढ़ोतरी ने सभी राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों के माथे पर पसीना ला दिया है।

चुनावी समीकरण हुए और जटिल

बिहार का चुनावी गणित हमेशा से ही जटिल रहा है। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जनसुराज की एंट्री ने इस जंग को और दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदान का मतलब जनता में बदलाव की चाह भी हो सकती है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।

एनडीए और महागठबंधन की रणनीति

इस बार एनडीए ने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है, जबकि महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को अपना सीएम फेस पहले ही घोषित कर दिया था। इससे मतदाताओं के सामने स्थिति कहीं न कहीं स्पष्ट दिख रही है। एनडीए की यह रणनीति कि विधायक दल नेता चुनेगा, मतदाताओं के मन में कुछ हद तक असमंजस पैदा कर रही है।

महिलाएं और युवा बनेगे निर्णायक

एनडीए की महिला रोजगार योजना और महागठबंधन की महिला सम्मान योजना (हर महिला के खाते में ₹30,000 की घोषणा) ने महिला मतदाताओं को आकर्षित किया है। वहीं युवाओं के लिए रोजगार और पलायन जैसे मुद्दे भी इस चुनाव का रुख बदल सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बार महिलाएं और युवा वर्ग मिलकर बिहार की सत्ता की दिशा तय कर सकते हैं।

छुटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण मतदान

पहले चरण के मतदान के दौरान कुछ जगहों पर हल्की घटनाएं हुईं। लखीसराय से चुनाव लड़ रहे विजय सिन्हा की गाड़ी पर कुछ लोगों ने पथराव किया और गोबर फेंका। हालांकि, अधिकतर स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा। इसके बाद 14 नवंबर को मतगणना होगी। पहले चरण की बंपर वोटिंग ने अब राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है — देखना दिलचस्प होगा कि जनता का जनादेश किस दल के पक्ष में जाता है।

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