बिहार में एनडीए की तूफानी बढ़त, भाजपा टॉप पर और कांग्रेस दहाई से दूर, यहां जानें आंकड़े

एलजेपीआर ने 29 में से 22, हम ने 6 में से 4 सीटों पर बनाई बढ़त, कांग्रेस महज 6 पर आगे

रवीन्‍द्र सुहाने

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में एनडीए को जबरदस्त फायदा मिलता दिख रहा है। चुनाव आयोग की ओर से 243 सीटों के रुझान जारी कर दिए गए हैं, जिनमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती हुई नजर आ रही है। भाजपा को 85 सीटों पर बढ़त प्राप्त है, जो इसे स्पष्ट रूप से प्रथम स्थान पर स्थापित करती है। इसके बाद जेडीयू 75 सीटों पर आगे चल रही है और दूसरे स्थान पर है। चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 में से 20 में बढ़त बनाई हुई है। जो पिछले चुनाव की तुलना में एक ऐतिहासिक छलांग कही जा सकती है।

पिछले विधानसभा चुनाव में एलजेपीआर ने अकेले चुनाव लड़ा था और 135 सीटों में से केवल एक सीट ही जीत पाई थी। वहीं कांग्रेस ने 61 से से महज 6 पर बढ़त हासिल की है। जबकि पिछले चुनाव में उसने 70 में से 19 सीटें जीती थीं। इस बार कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी छूती नजर नहीं आ रही। राष्‍ट्रीय पार्टी कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा है वहीं क्षेत्रीय पार्टियाें का प्रदर्शन अच्‍छा रहा है।

एलजेपीआर का शानदार प्रदर्शन, 29 में से 20 पर बढ़त

एनडीए में शामिल चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर इस चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करती दिख रही है। पार्टी को 29 सीटों में से 20 पर बढ़त मिली है, जो पिछले चुनाव की तुलना में एक ऐतिहासिक छलांग कही जा सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव में एलजेपीआर ने अकेले चुनाव लड़ा था और 135 सीटों में से केवल एक सीट ही जीत पाई थी।

कांग्रेस का प्रदर्शन पिछली बार से और कमजोर

महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक साबित होता दिख रहा है। कांग्रेस को 61 सीटों में से केवल 6 पर बढ़त मिल रही है, जबकि पिछले चुनाव में उसने 70 में से 19 सीटें जीती थीं। इस बार कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी छूती नजर नहीं आ रही।

कांग्रेस के मुकाबले सीपीआई-एमएल (माले) बेहतर प्रदर्शन कर रही है, जिसे 7 सीटों पर बढ़त के संकेत मिल रहे हैं। यह महागठबंधन के भीतर कांग्रेस की स्थिति को और भी कमजोर बनाता है।

महागठबंधन 49 सीटों पर सिमटा, आरजेडी 34 पर आगे

दोपहर 12 बजे तक के रुझानों के अनुसार महागठबंधन केवल 49 सीटों पर आगे दिख रहा है। इसमें आरजेडी की 34, लेफ्ट की 9 और कांग्रेस की सिर्फ 6 सीटें शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि महागठबंधन को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और बिहार के मतदाता इस बार एनडीए के पक्ष में स्पष्ट रूप से झुकाव दिखा रहे हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में आरजेडी ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें से 75 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन इस बार हालात बदलते नजर आ रहे हैं। आरजेडी को 143 सीटों में से केवल 36 सीटों पर बढ़त दिख रही है, जिससे वह तीसरे स्थान पर खिसक गई है।

कई छोटी पार्टियों का भी बेहतर प्रदर्शन

इस चुनाव में मांझी की पार्टी भी अच्छा प्रदर्शन करती दिख रही है। पार्टी ने कुल 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 4 पर बढ़त मिल रही है। वहीं अन्य छोटी पार्टियां भी कुछ सीटों पर पकड़ बनाए हुए हैं।

एनडीए को 188 पर बढ़त, सरकार बनने के आसार मजबूत

अभी तक आए रुझानों के अनुसार एनडीए को कुल 188 सीटों पर बढ़त मिली हुई है। ऐसे में बिहार में एनडीए की सरकार बनने के प्रबल संकेत दिखाई दे रहे हैं। भाजपा और जेडीयू की मजबूत पकड़ तथा एलजेपीआर का उभरता प्रभाव इस चुनाव को एनडीए के लिए रिकॉर्ड स्तर पर अनुकूल बना रहा है।

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