
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने सोमवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र का नाम “बिहार का तेजस्वी प्रण पत्र” रखा गया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि बिहार के विकास और समान अवसर का प्रण है, जिसे हम अगले पांच वर्षों में पूरा करेंगे।
तेजस्वी यादव ने कहा – यह हमारा प्रण है
महागठबंधन की ओर से घोषणा पत्र जारी करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि “हम यह तेजस्वी प्रण पत्र जारी कर रहे हैं। यह हमारा संकल्प है, जिसे हम दिल से निभाएंगे। यदि इसे पूरा करने के लिए हमें अपने प्राण भी झोंकने पड़ें, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।” तेजस्वी ने कहा कि बिहार को अव्वल दर्जे का राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि हम ताड़ी को कानून से बाहर करेंगे, वक्फ संपत्ति को पारदर्शी बनाएंगे और वक्फ संशोधन बिल पर रोक लगाएंगे। एनडीए पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि “अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि एनडीए का सीएम कौन होगा, यह विधायक दल तय करेगा। मुझे नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति है।”
घोषणा पत्र के प्रमुख बिंदु
महागठबंधन के “तेजस्वी प्रण पत्र” में कई लोककल्याणकारी वादे शामिल किए गए हैं। इनमें प्रमुख हैं —
- हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा।
- महिलाओं के लिए “माई-बहिन योजना” के तहत हर माह ₹2500 सहायता।
- प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली।
- ₹500 में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना।
- पंचायत और नगर निकाय चुनावों में ईबीसी के लिए आरक्षण बढ़ाना।
- आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा समाप्त करने का प्रस्ताव।
- अति पिछड़ा वर्ग की सूची की समीक्षा हेतु विशेष समिति का गठन।
- भूमिहीन ईबीसी, एससी, एसटी, ओबीसी परिवारों को ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डिसमिल और शहरी क्षेत्रों में 3 डिसमिल भूमि देने का वादा।
घोषणा पत्र जारी के समय शामिल रहे प्रमुख नेता
घोषणा पत्र जारी करते समय महागठबंधन के सभी प्रमुख नेता मंच पर मौजूद रहे। हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह गठबंधन बिहार के सभी वर्गों और तबकों के विकास के लिए समर्पित है।