मध्यप्रदेश की बिजली व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनेगी: ऊर्जा मंत्री

जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने मंदसौर 400 केवी सबस्टेशन में 400/220 केवी वोल्टेज स्तर के 500 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर को स्थापित कर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर दिया है। यह उपलब्धि प्रदेश में बिजली आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ऊर्जा मंत्री ने बताया अहम कदम

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह परियोजना एमपी ट्रांसको की कार्यकुशलता और उपभोक्ता हितों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे क्षेत्र की बढ़ती ऊर्जा मांगों को भरोसेमंद समर्थन मिलेगा और आने वाले समय में मध्यप्रदेश की बिजली व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनेगी।

चंबल पंपिंग परियोजनाओं को मिलेगा सहारा

सेंट्रल ग्रिड से मध्यप्रदेश के हिस्से की बिजली प्राप्त करने और सौर ऊर्जा उत्पादन में तेजी के चलते चंबल पंपिंग परियोजनाओं की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नया 500 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर इन आवश्यकताओं की पूर्ति में अहम भूमिका निभाएगा।

सौर ऊर्जा निकासी होगी आसान

एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से विभिन्न 220 केवी सबस्टेशनों को सीधा लाभ मिलेगा। उच्च क्षमता वाला यह ट्रांसफॉर्मर बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा की निकासी को सुलभ बनाएगा। साथ ही सिंचाई परियोजनाओं के पंपिंग सबस्टेशनों को भी बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

पावरग्रिड के नीमच सबस्टेशन से अब मध्यप्रदेश को उसके हिस्से की पूरी बिजली नियमित रूप से मिल सकेगी। साथ ही निर्माणाधीन 765 केवी सबस्टेशन भविष्य में प्रदेश को और अधिक सहजता से बिजली उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।

पारेषण क्षमता 84000 एमवीए के पार

मंदसौर में 500 एमवीए क्षमता के इस ट्रांसफॉर्मर के ऊर्जीकृत होने से राज्य की पारेषण क्षमता बढ़कर 88736 एमवीए हो गई है, जिसमें एमपी ट्रांसको का हिस्सा 84023 एमवीए का है। प्रदेश में 439 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जा रहा है, जिनमें 417 सबस्टेशन एमपी ट्रांसको के अंतर्गत हैं।

राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क में कुल 1091 पावर ट्रांसफॉर्मर कार्यरत हैं, जिनमें से 1043 ट्रांसफॉर्मर एमपी ट्रांसको के हैं। यह उपलब्धि प्रदेश की ऊर्जा संरचना को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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