
जबलपुर। मानस भवन के सभागार में शुक्रवार, 2 जनवरी को चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का विधिवत उद्घाटन दोपहर 3:00 बजे किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास, भोपाल के अध्यक्ष एवं प्रदेश के मुखिया मोहन यादव मुख्य अतिथि तथा केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह जी करेंगे।

विविध कार्यक्रमों का आयोजन
कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत दिनभर विविध सांस्कृतिक, बौद्धिक और शोधपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख आकर्षणों में सांय 4:30 से 4:50 बजे तक “नंदीग्राम की एक शाम” मोनो थिएटर का मंचन होगा।
इसके पश्चात सांय 6:00 से 7:30 बजे तक परम पूज्य जगतगुरु तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज (चित्रकूट) का प्रवचन होगा। रात्रि 7:30 से 8:00 बजे तक कवि कोविद “कहिए सके कहां ते” विषय पर श्री सुदीप भोला एवं रामायण द्विवेदी (अयोध्या) प्रस्तुति देंगे।
रात्रि 8:00 से 9:15 बजे तक श्रीलंका के श्री डान दिनेश कुमार द्वारा रावण के संगीत वाद्य यंत्रों का वादन तथा पटना की नाटक मंडली द्वारा भरत चरित्र पर नाट्य प्रस्तुति होगी।

प्रातःकालीन बौद्धिक सत्र
सुबह के कार्यक्रम में प्रातः 9:00 से 9:45 बजे तक सरदार श्री कुलजीत सिंह एवं उनकी टीम द्वारा शबद कीर्तन से शुभारंभ होगा। प्रातः 10:00 से 11:00 बजे तक “राम कथा—प्राचीन ज्ञान से वैश्विक दृष्टिकोण तक” विषय पर श्रीलंका, जबलपुर एवं चंडीगढ़ के शोधकर्ता अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
प्रातः 11:00 से 12:30 बजे तक राम वन पथ गमन पर संस्कृति विभाग के निदेशक श्री नामदेव अपने विचार रखेंगे। इसी अवसर पर “जहं जहं राम चरण चलि जाहिं…” पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।
इसके बाद राम वन गमन पथ निर्धारण की चुनौतियाँ, रामपथ यात्रा वृतांत, राम वन पथ में भाव प्रधानता तथा रामायण के माध्यम से वनवास के आधुनिक महत्व पर विद्वानों के विचार प्रस्तुत होंगे।
दोपहर 12:35 से 1:30 बजे तक “दक्षिण-पूर्व एशिया में रामायण: साझा विरासत और राजधर्म” विषय पर शोध पत्र वाचन होगा। साथ ही शांतनु गुप्ता द्वारा छात्रों के साथ रामायण स्कूल पर चर्चा एवं “रामायण इन बॉलीवुड” विषय पर विचार रखे जाएंगे।
नर्मदा कलश की स्थापना
जबलपुर में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के पूर्व नर्मदा कलश की स्थापना की गई। कार्यक्रम का श्रीगणेश ज्ञानेश्वरी दीदी, पंडित रोहित दुबे, आयोजन अध्यक्ष अजय बिश्नोई, सचिव डॉ. अखिलेश गुमास्ता, पंकज गौर, रवि रंजन, शरद काबरा, रामजी अग्रवाल, प्रवेश खेड़ा, पवित्र मिश्रा, आलोक पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
नर्मदा कलश की स्थापना सुधीर अग्रवाल एवं विनोद दीवान द्वारा की गई। इसके पश्चात वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस की सफलता हेतु नगर एवं ग्रामीण अंचलों में आयोजित सुंदरकांड पाठों की पूर्णाहुति के अवसर पर मानस भवन सभागार में नेमा मानस मंडल एवं नयागांव महिला मंडल द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ प्रस्तुत किया गया।
सुंदरकांड प्रभारी विनोद दुबे एवं राजेन्द्र नेमा ने बताया कि इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ में सहयोग करने वाली 82 रामायण मंडलियों की विशेष उपस्थिति रही, जिससे सभागार भक्तिरस से सराबोर हो उठा।
लाइव पेंटिंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रेणु अरुण पांडे एवं उनकी टीम द्वारा रामायण विषय पर लाइव पेंटिंग की गई, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में पुणे से पधारी प्रियल नाज पांडे गटकर द्वारा गीत रामायण, जबलपुर की बाल कलाकार ईरा दीक्षित द्वारा श्री राम चंद्र कृपालु भज मन पर कथक नृत्य, वनवासी चेतना आश्रम की छात्राओं द्वारा राम भजन, विंग्स कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा शिव तांडव, शिव शक्ति कला केंद्र जबलपुर द्वारा रामं राघवम् तथा त्रिविधा डांस एकेडमी की निलांगी कालांतरे द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई।
सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने मंत्रमुग्ध होकर सराहा और तालियों की गूंज से सभागार गूंज उठा।
विशेष आकर्षण: रेत पर राम मंदिर
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ओडिशा के पुरी से पधारे प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट गोपाल चरण समाल रहे, जिनका यह प्रथम जबलपुर आगमन था। उनके द्वारा रेत पर राम मंदिर का निर्माण दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। गोपाल जी की अद्भुत सैंड आर्ट को उपस्थित जनसमूह ने मुक्तकंठ से सराहा।
चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का यह शुभारंभ भक्तिभाव, कला, संस्कृति और राममय वातावरण से ओतप्रोत रहा।