हिरासत से रिहाई के बाद सीजेपी ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए सीजेपी (Cockroach Janta Party) से जुड़े कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद संगठन ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के प्रतिनिधियों ने हिरासत के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बारे में बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई थी, उन्हें लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सीजेपी से जुड़े अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारियों के दौरान हिरासत में लिए जाने का मामला चर्चा में रहा। रिहाई के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के आशुतोष रांका और सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई और हिरासत के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।

सौरव दास ने कहा कि उनसे कहा गया कि एक साल तक शांति भंग नहीं होगी। दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने लोगों से सड़क पर उतरने की अपील करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

आशुतोष रांका ने कहा कि वे चार पूर्व मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, माणिक सरकार और पिनराई विजयन के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर विरोध

संगठन का विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर है। सीजेपी के प्रतिनिधियों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। संगठन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

प्रदर्शन से पीछे हटने से इनकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन की ओर से यह संदेश दिया गया कि हिरासत की कार्रवाई के बावजूद विरोध के मुद्दे समाप्त नहीं हुए हैं। प्रतिनिधियों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही और कहा कि उनकी मांगों पर चर्चा तथा जवाबदेही जरूरी है।