
उज्जैन/भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को उज्जैन से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू की। यह यात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर से प्रारंभ होकर ओरछा के रामराजा मंदिर होते हुए अयोध्या के श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी। करीब 950 किलोमीटर की इस पदयात्रा को लगभग 70 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ मंदिरों में चढ़ावे के उपयोग, संस्थागत पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। यात्रा की घोषणा के समय दिग्विजय सिंह ने इसके उद्देश्यों की जानकारी दी थी।
यात्रा की शुरुआत उज्जैन में धार्मिक अनुष्ठानों और मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ हुई। कार्यक्रम में पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन-अभिषेक और भंडारे जैसे आयोजन भी रखे गए। इसके बाद पदयात्रा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद करने की योजना है।

मंदिरों की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
दिग्विजय सिंह ने यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान और चढ़ावे, मंदिरों की संपत्तियों तथा निर्माण कार्यों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को शामिल किया है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं के योगदान का उपयोग स्पष्ट नियमों और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर यात्रा के दौरान मंदिरों के प्रबंधन और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा की जाएगी।
यात्रा के माध्यम से धार्मिक संस्थानों में दान और चढ़ावे के उपयोग से जुड़े सवालों को जनसंवाद का हिस्सा बनाने की कोशिश की जाएगी। इन मुद्दों पर उठने वाली मांगों और आरोपों के साथ संबंधित संस्थानों का पक्ष भी सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा भी शामिल
इस पदयात्रा में धार्मिक विषयों के अलावा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल भी शामिल हैं। दिग्विजय सिंह चुनावी व्यवस्था में जवाबदेही और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहे हैं। यात्रा के जरिए इन मुद्दों पर लोगों के बीच चर्चा बढ़ाने और संबंधित संस्थानों की भूमिका पर सवाल उठाने की योजना है।
यात्रा के आयोजकों ने धार्मिक आस्था, सत्य, सेवा और सद्भाव के साथ सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता को भी अभियान का हिस्सा बताया है। इस दौरान उठाए जाने वाले आरोपों और मांगों को तथ्यों तथा संबंधित पक्षों के जवाब के साथ देखा जाना जरूरी होगा।
मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी यात्रा
यात्रा के शुरुआती चरण में उज्जैन से आगे बढ़ते हुए देवास, शाजापुर और राजगढ़ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों को शामिल किया गया है। इसके बाद गुना क्षेत्र और अन्य निर्धारित पड़ावों से होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी। दीपावली के बाद ओरछा स्थित रामराजा मंदिर में दर्शन करते हुए अयोध्या पहुंचने की योजना है।
आयोजकों के कार्यक्रम के अनुसार, रास्ते में ग्रामीणों, किसानों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों से बातचीत के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। धार्मिक आयोजनों और जनसंवाद के जरिए यात्रा को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी की गई है।
धार्मिक आस्था और सार्वजनिक जवाबदेही पर केंद्रित अभियान
‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ में सत्य, करुणा, सेवा और सद्भाव को प्रमुख विचारों के रूप में रखा गया है। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों की व्यवस्था, दान के उपयोग और लोकतांत्रिक अधिकारों से संबंधित मुद्दों को जोड़ा गया है।
अब यात्रा के आगामी पड़ावों पर होने वाले कार्यक्रमों और विभिन्न मुद्दों पर सामने आने वाली प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। उज्जैन से शुरू हुआ यह अभियान ओरछा होते हुए अयोध्या पहुंचने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगा।