
मां लक्ष्मी की कृपा पाने का शुभ अवसर
दीपावली का पर्व केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि यह मां श्री महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ दिन माना गया है। आज के दिन साधक, व्यापारी, विद्यार्थी तथा गृहस्थ सभी को श्रद्धा और पवित्रता के साथ पूजन-अर्चन और जप अनुष्ठान करना चाहिए। यह दिन जीवन के अंधकार को दूर कर समृद्धि और सुख का मार्ग प्रशस्त करता है।
अनुष्ठान और जप से होती है इच्छित फलों की प्राप्ति
मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रीसूक्त, श्रीलक्ष्मीसूक्त, पुरुषसूक्त, राम रक्षास्त्रोत, हनुमानाष्टक, गोपालशस्त्रनाम आदि का पाठ और जप किया जाना चाहिए। यह अनुष्ठान प्रसन्नता, पवित्रता और पूर्ण श्रद्धा से करने चाहिए। जप और अनुष्ठान कराने वाले ब्राह्मणों को श्रेष्ठ द्रव्य, धन, वस्त्राभूषण आदि की दक्षिणा श्रद्धा भाव से देना शुभ माना गया है।
इस दौरान आलस्य, गुस्सा, प्रमाद, लोभ, अहंकार और कंजूसी से बचना चाहिए क्योंकि ये भाव फल प्राप्ति में बाधक माने जाते हैं।
अमावस्या तिथि और लक्ष्मी पूजा का विशेष संयोग
इस वर्ष अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 2:36 बजे से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर दोपहर 4:04 बजे तक रहेगी। इस अवधि में दीपावली का पूजन यशलक्ष्मी योग, राज योग, श्री योग और श्रीवत्स योग जैसे शुभ योगों में किया जाएगा, जिससे यह दीपमालिका और भी मंगलमय बन जाएगी।
दीपावली मुहूर्त 2025 (लग्न अनुसार)
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार इस बार दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए लग्नानुसार शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- मेष लग्न: दोपहर 4:02 से दोपहर 5:33 तक
- वृषभ लग्न: शाम 5:33 से रात 7:13 तक
- सिंह लग्न: रात्रि 11:26 से मध्यरात्रि 1:42 तक
- गोधूलि बेला: शाम 5:21 से रात्रि 7:53 तक
चौघड़िया मुहूर्त
- चर: दोपहर 2:40 से दोपहर 3:10 तक
- लाभ: दोपहर 3:11 से दोपहर 4:34 तक
- अमृत: दोपहर 4:35 से शाम 6:05 तक
- चर: शाम 6:06 से रात 7:32 तक
- लाभ: रात्रि 10:10 से रात्रि 11:53 तक
- शुभ: मध्यरात्रि 1:20 से अंतरात तक
इन मुहूर्तों में दीपावली पूजन करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि का स्थायी वास होता है।