
दमोह। हटा–पन्ना राजमार्ग पर स्थित गैसाबाद के व्यारमा नदी पुल को पूरी तरह बंद किए जाने से क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शुक्रवार सुबह एमपीआरडीसी (MPRDC) की टीम द्वारा अचानक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दिए जाने से ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया।
पहले भारी वाहन प्रतिबंधित, अब पूरी तरह आवागमन बंद
गौरतलब है कि व्यारमा नदी के इस पुल को पहले ही क्षतिग्रस्त घोषित कर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जा चुका था। छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी, जिससे सीमित स्तर पर यातायात संचालित हो रहा था। लेकिन शुक्रवार को बिना पूर्व सूचना के पुल पर सभी प्रकार के आवागमन को पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाजार बंद कर सड़क पर बैठे ग्रामीण और व्यापारी
पुल बंद होने से नाराज स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने गैसाबाद बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुल बंद होने से दैनिक आवागमन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।
छह माह से बंद पुल, नया पुल अब तक चालू नहीं
स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते करीब छह माह से यह पुल प्रशासन द्वारा बंद रखा गया है। वहीं पुल के बगल में नए पुल का निर्माण कार्य भी चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण अब तक नया पुल चालू नहीं हो सका। यदि समय रहते निर्माण पर ध्यान दिया जाता, तो क्षेत्रवासियों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
व्यापारियों पर आर्थिक संकट
दुकानदारों का आरोप है कि पुल बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही बंद हो गई है, जिससे उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई छोटे व्यापारी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने और वैकल्पिक मार्ग की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
दो जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल
दमोह जिले को पन्ना जिले से जोड़ने वाला व्यारमा नदी का यह पुल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आसपास के गांवों के साथ-साथ दोनों जिलों के लोगों का आवागमन इसी पुल पर निर्भर है। बारिश के दौरान पुल को जर्जर घोषित करते हुए एमपीआरडीसी द्वारा इसे बंद कर दिया गया था, लेकिन करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी न तो पुराने पुल में कोई सुधार कार्य हुआ और न ही बगल में बने नए पुल को आम जनता के लिए खोला जा सका।
प्रशासन की बेरुखी से फूटा लोगों का गुस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन की बेरुखी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लंबे समय से चली आ रही अनदेखी के चलते शुक्रवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रिपोर्ट: जिमी नगरिया