दमोह के हटा में आर्ट ऑफ लिविंग के 4 दिवसीय ‘हैप्पीनेस कोर्स’ का समापन

योग और अध्यात्म से तनाव मुक्त जीवन जीने का संदेश

हटा। वर्तमान की भागदौड़ भरी जीवनशैली में स्वास्थ्य, सक्रियता और खुशहाली के लिए योग और अध्यात्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य के साथ, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की हटा इकाई द्वारा बालाजी कंस्ट्रक्शन हॉल में आयोजित 4 दिवसीय ‘हैप्पीनेस कोर्स’ कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

अस्तित्व के सात स्तरों पर किया गया अभ्यास

संस्था के प्रशिक्षक आशुतोष सुहाने ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि जीवन को सकारात्मक और तनाव मुक्त रखने के लिए शरीर, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, श्वास और आत्मबोध पर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने साधना, सेवा, सत्संग, प्राणायाम, योग, ध्यान और ज्ञान की कुंजियों के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाई।

योग और अध्यात्म से मिलता है संतुलित जीवन

उन्होंने जोर देकर कहा कि योग हमें स्वस्थ रखता है, जबकि अध्यात्म जीवन में सृजनात्मकता और सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न करता है। इन दोनों के समन्वय से व्यक्ति तनाव मुक्त और संतुलित जीवन जी सकता है।

प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव

शिविर के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए, जो उनके खिले हुए चेहरों से स्पष्ट झलक रहे थे। सभी ने इस प्रशिक्षण को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया।

स्वयंसेवकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ स्वयंसेवक राजबहादुर पटेल, उदयभान पटेल, गौरव सिंघई, अभिषेक सुहाने, अनिल पटेल, आनंद नामदेव, शरद अठ्या, जाग्रति नेमा जी, आयुषी, ऋतिक गुप्ता, अंशिका सुहाने और शाश्वत सुहाने की सराहनीय भूमिका रही।

योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प

समापन पर सभी प्रतिभागियों ने योग और अध्यात्म को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

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