भारत और रूस के संबंध समय की हर कसौटी पर हमेशा खरे उतरे – पीएम मोदी

नई दिल्‍ली। रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्‍वाइंट प्रेस वक्‍तव्‍य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुज़रना पड़ा है। और इन सबके बीच भी भारत–रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही है।परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की हर कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं।

पीएम ने कहा कि ठीक 25 वर्ष पहले राष्ट्रपति पुतिन ने हमारी Strategic Partnership की नींव रखी थी। 15 वर्ष पहले 2010 में हमारी साझेदारी को “Special and Privileged Strategic Partnership” का दर्जा मिला। पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाना हमारी साझा प्राथमिकता है। इसे साकार करने के लिए आज हमने 2030 तक के लिए एक Economic Cooperation प्रोग्राम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश diversified, balanced, और sustainable बनेगा, और सहयोग के क्षेत्रों में नए आयाम भी जुड़ेंगे।

ऊर्जा सुरक्षा भारत–रूस साझेदारी का मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। Civil Nuclear Energy के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना सहयोग, Clean Energy की हमारी साझा प्राथमिकताओं को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। हम इस win-win सहयोग को जारी रखेंगे।

भारत और रूस के संबंधों में हमारे सांस्कृतिक सहयोग और people-to-people ties का विशेष महत्व रहा है। दशकों से दोनों देशों के लोगों में एक-दूसरे के प्रति स्नेह, सम्मान, और आत्मीयताका भाव रहा है। इन संबंधों को और मजबूत करने के लिए हमने कई नए कदम उठाए हैं।

रूसी नागरिकों के लिए 30 day e-tourist visa

हाल ही में रूस में भारत के दो नए Consulates खोले गए हैं। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सुगम होगा, और आपसी नज़दीकियाँ बढ़ेंगी। इस वर्ष अक्टूबर में लाखों श्रद्धालुओं को “काल्मिकिया” में International Buddhist Forum मे भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का आशीर्वाद मिला।मुझे खुशी है कि शीघ्र ही हम रूसी नागरिकों के लिए निशुल्क 30 day e-tourist visa और 30-day Group Tourist Visa की शुरुआत करने जा रहे हैं।

Manpower Mobility से मिलेगी दोनों देशों को नई ताकत

Manpower Mobility हमारे लोगों को जोड़ने के साथ-साथ दोनों देशों के लिए नई ताकत और नए अवसर create करेगी। मुझे खुशी है इसे बढ़ावा देने के लिए आज दो समझौते किए गए हैं। हम मिलकर vocational education, skilling और training पर भी काम करेंगे। हम दोनों देशों के students, scholars और खिलाड़ियों का आदान-प्रदान भी बढ़ाएंगे।

यूक्रेन के संबंध में शांति का पक्ष

आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। यूक्रेन के संबंध में भारत ने शुरुआत से शांति का पक्ष रखा है। हम इस विषय के शांतिपूर्ण और स्थाई समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। भारत सदैव अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और आगे भी रहेगा।

आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में सहयोग

आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत और रूस ने लंबे समय से कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है। पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रोकस City Hall पर किया गया कायरतापूर्ण आघात — इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। भारत का अटल विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसके विरुद्ध वैश्विक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

सभी मंचों पर करीबी सहयोग

भारत और रूस के बीच UN, G20, BRICS, SCO तथा अन्य मंचों पर करीबी सहयोग रहा है। करीबी तालमेल के साथ आगे बढ़ते हुए, हम इन सभी मंचों पर अपना संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।

निर्बाध रूप से तेल की आपूर्ति जारी रहेगी

राष्‍ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत रूस संबंधों में सुरक्षा, अर्थव्‍यवस्‍था, व्‍यापार जैसे विषय महत्‍वपूर्ण हैं। रूस भारत को निर्बाध रूप से तेल की आपूर्ति करेगा। इसके पहले राष्‍ट्रपति पुतिन ने हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात की और भारत रूस शिखर वार्ता में शमिल हुए।

द्विपक्षीय वार्ता हुई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।

समझौते हुए

भारत और रूस के बीच 19 समझौते हुए। अलग-अलग मुद्दों पर समझौते हुए किए गए। कारोबार-आर्थिक सहयोग पर समझौता किया गया इसके अलावा ऊर्जा, ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, सिविल न्‍यूक्लियर, स्‍पेस क्षेत्र, सैन्‍य तकनीक, विज्ञान के क्षेत्र में समझौते हुए।
इसके पहले राष्‍ट्रपति पुतिन ने राजघाट जाकर महात्‍मा गांधी को नमन किया। राष्‍ट्रपति पुतिन का राष्‍ट्रपति भवन में औपचारिक स्‍वागत किया गया।

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