
जबलपुर। संस्कृति और परंपराओं से समृद्ध शहर जबलपुर का दशहरा चल समारोह गुरुवार को बड़े धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी चल समारोह को देखने के लिए न सिर्फ शहरवासी बल्कि आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। नगर निगम कार्यालय के सामने से इस भव्य चल समारोह की शुरुआत हुई।
मातारानी की प्रतिमाओं ने बढ़ाई शोभा
चल समारोह में विभिन्न समितियों द्वारा स्थापित मातारानी की प्रतिमाएं क्रमवार शामिल की गईं। आकर्षक सजावट और भव्य प्रतिमाओं ने लोगों का मन मोह लिया। श्रद्धालु प्रतिमाओं के दर्शन करते हुए जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। पूरे वातावरण में धार्मिकता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

बैंड, ढोल और डीजे ने जमाया माहौल
चल समारोह में बैंड-बाजों, ढोल और डीजे पर बज रहे धार्मिक गीतों ने समूचे माहौल को ऊर्जावान बना दिया। श्रद्धालु इन धुनों पर झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। लाइटिंग से सजे वाहन और मंचन ने दर्शकों को आकर्षित किया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी श्रद्धा और उत्साह से चल समारोह में शामिल रहे।
हनुमानताल में प्रतिमाओं का विसर्जन
चल समारोह का समापन हनुमानताल में हुआ। यहां पर देर रात से लेकर अलसुबह तक देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालु विसर्जन के दौरान ‘मातारानी के जयकारे’ लगाते हुए भक्ति भाव से डूबे नजर आए। पूरे आयोजन ने जबलपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
श्रद्धालुओं में उत्साह और उमंग
दशहरा चल समारोह ने शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा दी। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान नगर निगम और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।