Jabalpur Flyover: प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर लोकार्पित : 40 मिनट की दूरी अब 7 मिनट में

प्रदेश में 4250 करोड़ की 9 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्‍यास

जबलपुर। प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्‍त 2025 को केन्‍द्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी व मुख्‍य मंत्री डॉ मोहन यादव ने किया। इसके अलावा प्रदेश में 4250 करोड़ से अधिक के निवेश से 174 किमी लंबी 9 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर नितिन गडकरी ने कहा कि जबलपुर देहात नहीं इससे अच्‍छी सिटी बनाएंगे। हाइड्रोजन भविष्‍य का इंधन है। पेट्रोल, डीजल से छुटकारा पाइये। पीएम मोदी के नेतृत्‍व में भारत को फाइव ट्रिलियन की इकोनामी बनाना, विश्‍वगुरू बनाना हमारा लक्ष्‍य है।

नितिन गडकरी ने कहा कि मैं जो बोलता हूं, डंके की चोट पर करता हूं, मेरे पास पैसे की कमी नहीं,मुख्‍यमंत्री जी आप प्रोजेक्‍ट लाइये, पैसा मैं दूंगा।

किसी भी राज्‍य के विकास के लिए वहां अच्‍छा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर चाहिए। अमेरिका धनवान इसलिए है क्‍योंकि वहां के रास्‍ते अच्‍छे हैं। मप्र में उद्योग आ रहे हैं। मप्र में रोड नेटवर्क अच्‍छा हुआ है। मप्र में पांच ग्रीन फील्‍ड और इकानामिक कारिडोर हम बना रहे हैं।
नितिन गडकरी ने मप्र में टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की।

विचार को नवाचार में बदलते हैं गडकरी

इसके पहले सांसद आशीष दुबे ने कहा कि विचार को नवाचार में बदलने की क्षमता यदि किसी में है तो वह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी में है। आशीष दुबे ने कहा कि पूर्व सांसद राकेश सिंह का कल्‍पनाशील व्‍यक्तिव है। उन्‍होंने तर्क के साथ गडकरी के सामने फ्लाइओवर का पक्ष रखा तो तुरंत गडकरीजी ने स्‍वीकृति दी। बड़े काम में प्रतिकूल परिस्थितियां आती हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों को साधने का काम राकेश सिंह ने किया है।

फ्लाईओवर जबलपुर को उन्नत महानगर बना रहा

इस अवसर पर मप्र के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह ऐसा फ्लाइओवर है जिसमें देश का सबसे बड़ा केबल स्‍टे ब्रिज है। यह फ्लाइओवर जबलपुर के माथे पर सजकर जबलपुर को उन्नत महानगर को प्रदर्शित कर रहा है। जबलपुर को भविष्‍य को बदलने वाला फ्लाइओवर है। राकेश सिंह ने कहा कि फ्लाइओवर बनाने में मुश्किलें आईं। इसके लिए फंड के लिए गडकरी जी ने केंद्रीय रिजर्व फंड से राशि दी।

तमाम विरोधों के बाद भी गडकरी ने इसको स्‍वीकृत किया और इसे मदनमहल से दमोहनाका तक स्‍वीकृत किया था। पहले यह बल्‍देवबाग तक था। गडकरीजी ने इसके लिए राशि स्‍वीकृत की और इसे दमोहनाका तक किया। जबलपुर और महाकोशल के माथे पर ताज जैसा सजा दिया। जबलपुर में केबल कार, दो रोपवे, गडकरीजी ने स्‍वीकृत किए हैं। इसका डीपीआर का काम चल रहा है। गडकरी जी की इनोवेटिव सोच अदभुत है। देश में हाइड्रोजन बसें लाकर देश में क्रांति ला दी।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू,विधायक अजय बिश्नोई, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक अभिलाष पाण्डे वा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

फ्लाईओवर की विशेषताएं

प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर जबलपुर में बनाया गया है। यह मदनमहल से दमोहनाका तक 7 किमी लंबा फ्लाइओवर है। इसे सीआरएफ फंड से 1232 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर है, बल्कि इसमें कई ऐसी विशेषताएं भी शामिल हैं जो इसे विशिष्ट पहचान देती हैं। इस फ्लाईओवर का सबसे बड़ा तकनीकी आकर्षण रेल मार्ग के ऊपर निर्मित 193.5 मीटर लंबा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज है।

इस परियोजना में कुल 3 बो-स्ट्रिंग ब्रिज भी शामिल किए गए हैं। इनमें से दो पुल रानीताल क्षेत्र में और एक पुल बलदेवबाग क्षेत्र में बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी पुल पूरी तरह स्टील से निर्मित हैं और प्रत्येक की लंबाई लगभग 70 मीटर है। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित यह संरचना न केवल जबलपुर बल्कि पूरे देश के लिए एक अद्वितीय और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।

पर्यावरण और जनसुविधाएं साथ-साथ

इस फ्लाईओवर निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके नीचे लगभग 50 हजार पौधों का रोपण किया गया है, जिससे शहर का हरित आवरण बढ़ेगा और प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर के नीचे ही बास्केटबॉल कोर्ट, ओपन जिम और बच्चों के लिए पार्क विकसित किए गए हैं। इससे यह केवल एक यातायात सुविधा न होकर एक सामुदायिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र भी बन जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए 10 स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिससे आवागमन और सुगम तथा व्यवस्थित हो सकेगा।

यातायात में क्रांतिकारी बदलाव

यातायात की दृष्टि से यह फ्लाईओवर क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। जहां पहले मदनमहल से दमोह नाका तक पहुँचने में 40 से 45 मिनट का समय लगता था, अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 6 से 8 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि शहर में प्रदूषण का स्तर भी घटेगा। व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, नागरिकों की दैनिक जीवनशैली सरल होगी और जबलपुर एक नए यातायात मॉडल के रूप में देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

आधुनिकता–विरासत का संगम

यह परियोजना जबलपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के बीच आधुनिकता का संगम प्रस्तुत करती है। यह शहर की पहचान को महानगरीय स्वरूप देने में सहायक होगी। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए बेहतर आवागमन और जीवनशैली सुनिश्चित करेगी।

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