जबलपुर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल, ये है कलेक्टर का आदेश

आदेश 5 अगस्‍त से ही प्रभावी माना जाएगा, पेट्रोल पंप संचालकों पर होगी कार्रवाई

जबलपुर। इंदौर और भोपाल की तर्ज पर अब जबलपुर में भी बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं मिलेगा। जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दीपक सक्सेना ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जिले की सीमा में किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने चालकों को पेट्रोल या ईंधन प्रदान करना प्रतिबंधित रहेगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 5 अगस्‍त से ही प्रभावी माना जाएगा।

सड़क हादसों को रोकने का प्रयास

कलेक्टर ने आदेश में कहा कि हाल के वर्षों में जबलपुर जिले में हुई सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है, जिनमें बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों की मौत और गंभीर चोटों के मामले ज्यादा सामने आए हैं। ट्रैफिक सुरक्षा और आम जनता की जान की रक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है। मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 129 और एम.वी. एक्ट के तहत भी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

पेट्रोल पंप संचालकों की जिम्मेदारी

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल देने पर पंप संचालकों की जिम्मेदारी तय होगी और दोषी पाए जाने पर उन पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। यह प्रतिबंध 5 अगस्त 2025 से ही प्रभावी रहेगा।

हेलमेट के उपयोगिता और फायदे

  • हेलमेट सिर की चोट से बचाता है और सड़क हादसों में मृत्यु का खतरा कम करता है।
  • तेज रफ्तार या फिसलने की स्थिति में सिर को गंभीर चोट लगने से रोकता है।
  • बारिश, धूल और प्रदूषण से आंखों और चेहरे की सुरक्षा करता है।
  • ट्रैफिक पुलिस की चालानी कार्रवाई से बचाता है, जिससे समय और पैसा दोनों बचते हैं।
  • सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश देता है।

आम जनता से अपील

कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों और आम जनता से अपील की है कि वे इस आदेश का पालन करें और सड़क सुरक्षा में सहयोग दें। आदेश का मकसद सड़क हादसों में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को रोकना है, ताकि मानव जीवन की रक्षा की जा सके।

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