जैन युवा फेडरेशन जबलपुर ने हड्डियों व मांस से खाद बनाने पर सरकारी रोक का किया स्वागत

भविष्य में पूर्ण प्रतिबंध की मांग की

जबलपुर। जैन युवा फेडरेशन, जबलपुर ने केंद्र सरकार द्वारा मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पशुओं की हड्डियों और मांस से खाद बनाने पर लगाई गई रोक का स्वागत किया है। फेडरेशन के धर्मप्रचारक नितिन जैन ने प्रेसरिलीज के माध्यम से इस कदम को अहिंसा, करुणा और मानवीय मूल्यों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

फेडरेशन के अध्यक्ष अभिषेक जैन, सचिव संदीप जैन, उपाध्यक्ष अखिलेश जैन एवं शरद जैन ने कहा, “हम इस संवेदनशील निर्णय के लिए केंद्र सरकार के आभारी हैं। जैन धर्म और भारतीय संस्कृति में अहिंसा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। मांस और हड्डियों जैसे पशु अवशेषों का इस्तेमाल कृषि या किसी भी अन्य उत्पाद में करना न केवल धार्मिक और नैतिक भावनाओं को ठेस पहुँचाता है, बल्कि यह पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी दीर्घकालिक रूप से हानिकारक हो सकता है।”

फेडरेशन का मानना है कि इस तरह के उत्पादों को खाद के रूप में उपयोग करने से शाकाहारी उत्पादों की पवित्रता और शुद्धता पर भी सवाल खड़ा होता है, जिससे एक बड़े वर्ग की धार्मिक आस्था आहत होती है।

भविष्य के लिए आग्रह

जैन युवा फेडरेशन, जबलपुर ने केंद्र सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • पूर्ण प्रतिबंध: भविष्य में पशुओं के अवशेषों, हड्डियों, मांस या रक्त का उपयोग करके किसी भी प्रकार का उर्वरक, खाद, या अन्य व्यावसायिक उत्पाद बनाने पर पूर्ण और स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए।
  • पर्यावरण-हितैषी विकल्प: कृषि और उद्योग के लिए पशु-मुक्त, जैविक और पर्यावरण-हितैषी विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए, जो शाकाहारी और अहिंसक जीवनशैली के मूल्यों के अनुरूप हों।
  • जागरूकता अभियान: आम जनता, किसानों और उद्योगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि वे ऐसे उत्पादों के उपयोग से बचें और अहिंसक विकल्पों को अपनाएँ।

फेडरेशन ने विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्र सरकार इस गंभीर और संवेदनशील विषय की महत्ता को समझते हुए भविष्य में ऐसे किसी भी कदम की अनुमति नहीं देगी, जो देश की नैतिक और धार्मिक भावनाओं के विपरीत हो।

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