पत्रकार को निपटाने की साजिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर एक्शन, एक निलंबित दूसरा लाइन अटैच

जबलपुर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर पिछले 24 घंटे से वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है, जिसमें तीन वर्दीधारी पुलिसकर्मियों द्वारा वरिष्ठ पत्रकार विलोक पाठक को खुलेआम “निपटाने” और “मारने” की धमकी देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देखा और सुना जा सकता है।

पत्रकार संगठनों और समाज में आक्रोश

जैसे ही यह कथित वीडियो सामने आया, वैसे ही अनेक सामाजिक, धार्मिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के साथ-साथ राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद तथा प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों में तीव्र रोष व्याप्त हो गया। सभी ने इस घटना को लोकतंत्र, प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार पर सीधा हमला बताया।

पत्रकारों का कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों पर समाज और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी है, यदि वही बदमाशों की तरह पत्रकारों को डराने-धमकाने और “निपटाने” की भाषा बोलें, तो यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।

श्रमजीवी पत्रकार परिषद ने सौंपा ज्ञापन

इस गंभीर मामले को लेकर श्रमजीवी पत्रकार परिषद ने अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जबलपुर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने एवं निलंबन की मांग की।

राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार विलोक पाठक के साथ कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा सुनियोजित रूप से घटना घटित करने के पूर्व की चर्चा का कथित वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पूरे पत्रकार जगत में भारी आक्रोश देखा गया। प्रथम दृष्टया यह मामला अत्यंत गंभीर प्रतीत हुआ।

एसपी से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी संपत कुमार उपाध्याय से मुलाकात कर दोषी हवलदार एवं आरक्षक पर भारतीय दंड विधान (BNS) की सख्त धाराओं में कार्रवाई की मांग की। परिषद के पदाधिकारियों ने इन पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त कर उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग रखी।

एसपी ने की त्वरित कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक संपत कुमार उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया, जबकि दूसरे को लाइन अटैच कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पत्रकार संगठनों ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, हालांकि आगे और कठोर कार्रवाई की मांग भी की।

बड़ी संख्या में संगठनों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमानन्द तिवारी, राष्ट्रीय संयोजक नलिनकांत वाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष राजेश दुबे, प्रदेश संगठन महासचिव, प्रदेश महासचिव, संभागीय अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष सहित संस्कारधानी के अनेक वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।

इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि, महाकौशल विधि छात्र संघ, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, उस्ताद श्री फकीर चंद अखाड़ा, सर्व ब्राह्मण कल्याण परिषद, गढ़ा सराफा एसोसिएशन सहित समाज कल्याण प्रकोष्ठ, सोशल मीडिया प्रकोष्ठ, पत्रकार परिवार कल्याण प्रकोष्ठ, साहित्यिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रकोष्ठों के सदस्य भी मौजूद रहे।

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