
जबलपुर। मां नर्मदा का पावन प्राकट्य उत्सव 25 जनवरी रविवार को संस्कारधानी जबलपुर में भक्ति, आस्था और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के प्रमुख नर्मदा घाटों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मां नर्मदा के दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
दुल्हन की तरह सजे नर्मदा घाट
मां नर्मदा के प्राकट्य उत्सव को लेकर गौरीघाट, तिलवारा घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर विशेष सजावट की गई है। शनिवार को पूरे दिन घाटों पर तैयारियों का दौर चलता रहा। रंग-बिरंगी लाइटिंग, पुष्प सज्जा और धार्मिक ध्वजों से घाटों को भव्य रूप दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बन गया है।

पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठान
प्राकट्य उत्सव के अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में मां नर्मदा के पूजन की विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालु विधिवत पूजा-अर्चना कर मां से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करेंगे। घाटों पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान, आरती और मंत्रोच्चार का आयोजन किया जाएगा।
घाटों तक पहुंच मार्गों पर भंडारे
मां नर्मदा घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों पर जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। भंडारों के माध्यम से सेवा और भक्ति का संदेश भी दिया जाएगा।
चुनरी अर्पण के लिए उमड़ेगा जनसैलाब
प्राकट्य उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां नर्मदा को चुनरी अर्पित करेंगे। मान्यता है कि इस दिन मां को चुनरी चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते जबलपुर सहित आसपास के जिलों से भी भक्तों के पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धा और आस्था का संगम बनेगा जबलपुर
मां नर्मदा के प्राकट्य उत्सव को लेकर पूरे जबलपुर शहर में उत्साह का माहौल है। घाटों से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक धार्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा भाव को भी दर्शाता है।