
जबलपुर। काली मठ आमनपुर में मां निरंकार काली के प्राकट्य महोत्सव अगहन अमावस्या के पावन अवसर पर इस वर्ष 12 नवंबर से 19 नवंबर 2025 तक दिव्य भव्य शतचंडी महायज्ञ और विशाल संत-महात्माओं का समागम आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन मां निरंकार काली की स्वर्णिम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। प्रतिदिन आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला होगी।
मां निरंकार काली का प्राकट्य
सदगुरु व्दादश पीठाधीश्वर परम पूज्य दंडी स्वामी कालिकानंद सरस्वती जी महाराज (श्री प्यारे नंद जी महाराज) की भक्ति और साधना से प्रसन्न होकर मां निरंकार काली ने 2 दिसंबर 1975 को अगहन अमावस्या के दिन साक्षात दर्शन दिए थे। तब से यह स्थान सिद्ध शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ। भक्तगण आज भी श्रद्धा और भक्ति से मां के दर्शन पाते हैं। इस वर्ष अगहन अमावस्या 20 नवंबर 2025 को है।
मुख्य आयोजन एवं संरक्षक
भगवती मां निरंकार काली की स्वर्णिम वर्षगांठ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री राकेश सिंह (म.प्र. शासन) तथा अध्यक्षता में महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू भैया’ रहेंगे। आयोजन का संरक्षण परम पूज्य गुरुदेव दंडी स्वामी कालिकानंद जी महाराज (श्री प्यारे नंद जी) के सान्निध्य में होगा तथा संयोजन महंत स्वामी चंद्रशेखरानंद जी महाराज करेंगे।
आयोजन की झलकियां (12 से 20 नवंबर तक)
- 12 नवंबर: दोपहर 12 बजे विशाल कलश यात्रा का शुभारंभ काली मठ आमनपुर से होगा। यह यात्रा खेरमाई मंदिर रानीपुर, माली मोहल्ला होते हुए यज्ञशाला पहुंचेगी। कलश यात्रा में हजारों महिलाएं मातृशक्ति के रूप में भाग लेंगी।
- 13 नवंबर: प्रातः 8 बजे सर्वदेव आवाहन, श्री पीठ पूजन और 108 श्री दुर्गा सप्तशती पाठ पारायण का शुभारंभ होगा। शाम 4 से 6 बजे तक संतों की अमृतवाणी का लाभ भक्तों को मिलेगा।
- 14 नवंबर: नव बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार, 108 श्री दुर्गा सप्तशती पाठ और दोपहर 2 बजे अग्निमंथन द्वारा शतचंडी महायज्ञ का प्रारंभ। शाम 4 बजे संत समागम।
- 15 नवंबर: श्री दुर्गा सप्तशती पाठ, शतचंडी महायज्ञ, नेत्रहीन कन्याओं का पूजन व कन्या भोज। शाम 4 बजे संत प्रवचन।
- 16 नवंबर: शतचंडी महायज्ञ और स्वच्छता सेवकों का सम्मान, समरसता भोज, संत प्रवचन।
- 17 नवंबर: श्री दुर्गा सप्तशती पाठ, शतचंडी महायज्ञ, 11 बजे सिख संगत प्रेम नगर गुरुद्वारा के रागी द्वारा पाठ, दोपहर 4 बजे संत समागम।
- 18 नवंबर: श्री दुर्गा सप्तशती पाठ, किन्नर सम्मान समारोह और भोज, शाम को संत सम्मेलन।
- 19 नवंबर: श्री दुर्गा सप्तशती पाठ पारायण, ऋषि पूजन, संतों का अभिनंदन और दोपहर 2 बजे शतचंडी महायज्ञ पूर्णाहुति।
- 20 नवंबर: मां निरंकार काली के प्राकट्य दिवस पर विशेष पूजन-अर्चन, श्रृंगार दर्शन और रात्रि 12 बजे भव्य आकाशीय महाआरती। दिन भर भंडारा प्रसाद वितरण होगा।
काली धाम भटौली का विशेष आयोजन
इसी दिन काली धाम भटौली में मां विराट काली की 33वीं स्थापना वर्षगांठ पर दोपहर 12 बजे से महाआरती और भंडारा प्रसाद का आयोजन होगा।
समितियां और सहयोग
इस पूरे आयोजन में विभिन्न समितियों को कार्य विभाजन किया गया है। प्रमुख सहयोगी हैं – जगत बहादुर सिंह (अन्नू भैया), लेखराज सिंह (मुन्ना भैया), संदीप जैन (गुड्डा), राजेन्द्र रजक (कल्लू भैया), अर्पित तिवारी एवं अनेक श्रद्धालु सदस्य। मां निरंकार काली लोक कल्याण सेवा समिति, काली धाम, काली मठ आमनपुर के सभी सदस्यों का इसमें विशेष योगदान रहेगा।