परमहंसी गंगा आश्रम में पंचमेवा से सजा मां त्रिपुर सुंदरी का दिव्य स्वरूप, देखें वीडियो

परमहंसी गंगा आश्रम में नवरात्र की पंचमी पर हुआ विशेष श्रृंगार, माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु

जबलपुर। नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील में स्थित परमहंसी गंगा आश्रम के भगवती त्रिपुर सुंदरी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान मां राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का प्रतिदिन विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। नवरात्र की पंचमी तिथि पर गुरुवार को माता का पंचमेवा से वार्षिक श्रंगार किया गया। शुक्रवार को छटवीं के दिन मोरपंख से श्रंगार किया गया। विशेष अवसर पर माता के मनोहारी स्वरूप के दर्शन करने के लिए स्थानीय क्षेत्र के साथ ही अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे।

नवरात्र में प्रतिदिन अलग-अलग सामग्रियों से श्रृंगार

शारदीय नवरात्र के नौ दिनों में मां राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी को अलग-अलग सामग्रियों से सजाने की परंपरा निभाई जा रही है। प्रतिदिन होने वाला विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। माता के विविध स्वरूपों के दर्शन को लेकर भक्तों में उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

शारदीय और वासंतिक नवरात्र में होती है विशेष पूजा

परमहंसी गंगा आश्रम में प्रत्येक वर्ष शारदीय और वासंतिक नवरात्र के अवसर पर मां राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। इन अवसरों पर माता के दर्शन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र के दौरान आश्रम में धार्मिक गतिविधियों के साथ भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहता है।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की तपस्थली है आश्रम

परमहंसी गंगा आश्रम ब्रह्मलीन द्वारका शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की तपस्थली और समाधि स्थल के रूप में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इसी वजह से यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। आश्रम स्थित भगवती त्रिपुर सुंदरी मंदिर का निर्माण और माता की प्रतिमा की स्थापना भी ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज द्वारा कराई गई थी। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता के चलते यह आश्रम क्षेत्र के प्रमुख आस्था स्थलों में गिना जाता है।