
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में चूहों पर कंट्रोल के लिए हर साल लाखों रूपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन चूहे जिंदा हैं। पेस्ट कंट्रोल, केक के लिए ठेका दिया गया है। इसके बाद भी चूहे मेडिकल अस्पताल के वार्डों में विचरण कर रहे हैं। मनोरोग विभाग की घटना के बाद मेडिकल अस्पताल एवं कॉलेज के डीन डॉ नवनीत सक्सेना ने अधीक्षक से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। वहीं अधीक्षक ने इस मामले की पड़ताल के लिए तीन सदस्यी समिति बनाई है जोकि तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
ये था मामला
मनोरोग विभाग में भर्ती 28 वर्षीय युवती को रात में चूहे ने पैर में काट दिया। उसने वार्ड में डॉक्टर को दिखाया तो उसे इंजेक्शन लगाए गए। इसी तरह 50 वर्षीय महिला और उसके बेटे को भी चूहों ने एड़ी में काटा। महिला के बेटे ने अपनी मां को इलाज के लिए भर्ती किया था। इन घटनाओं की शिकायत अस्पताल प्रशासन को की गई। अटेंडर का कहना है कि वार्ड में चूहों को देखकर पूर्व में भी शिकायत की गई थी लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इन घटनाओं के बाद मेडिकल अस्पताल प्रशासन जागा है। वार्डों में ट्रे व दवाएं वार्ड में रखी गईं।
समिति बनाई
मेडिकल अस्पताल अधीक्षक डॉ अरविंद शर्मा का कहना है कि इस मामले के बाद निरीक्षण किया गया। तीन सदस्यी समिति बनाई है जोकि तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ नवनीत सक्सेना का कहना है कि इस मामले में मेडिकल अस्पताल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। तीन दिन में अधीक्षक जांच प्रतिवेदन बनाकर रिपोर्ट देंगे। इसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।