
जबलपुर। मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की नई दर घोषित कर दी है। आयोग ने 4.80 प्रतिशत दर में बढोतरी को मंजूर किया है। यानि घरेलू उपभोक्ता को 200 यूनिट मासिक खपत करने पर 80 रुपये अधिक देना होगा। ऊर्जा प्रभार में सभी श्रेणी के उपभोक्ता पर 26 पैसे बढाए गए हैं। फिक्स जार्च में अलग से बढ़ोतरी हुई है।
आयोग ने जनसुनवाई में आई आपत्ति के आधार पर औसत 4.80 प्रतिशत की बढोतरी को मंजूर किया है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि महाराष्ट्र, यूपी, आंध्र प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, वेस्ट बंगाल और तेलंगाना में बिजली टैरिफ नहीं बढ़ा है। बल्कि आंध्र प्रदेश, बिहार और तेंलगाना ने बिजली की दर में कमी की है। मप्र ही पहला राज्य है जिसमें बिजली के दाम बढ़े हैं।
निम्न आय वर्ग को राहत बरकरार
आदेश के अनुसार, निम्न दाब (एलवी-1) और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले से लागू राहत जारी रहेगी। इसके साथ ही 100 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को पूर्व की तरह रियायत का लाभ मिलता रहेगा।
कृषि और छोटे उपभोक्ताओं के लिए प्रावधान जारी
आयोग ने कृषि कार्य से जुड़े उपभोक्ताओं, छोटे अस्थायी उपभोक्ताओं तथा मेट्रो रेल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए भी पूर्ववत प्रावधान जारी रखने का निर्णय लिया है। इससे इन वर्गों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।
उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए बदलाव
उच्च दाब (एचटी) और अति उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग व्यवस्था में संशोधन किया गया है। अब केडब्ल्यूएच आधारित बिलिंग लागू रहेगी, वहीं अधिकतम मांग (एमडी) से संबंधित प्रावधानों में भी आंशिक बदलाव किए गए हैं।
छूट और प्रोत्साहन योजनाएं जारी
आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए छूट और प्रोत्साहन योजनाओं को जारी रखा है।
इन उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन
ऑनलाइन भुगतान पर छूट
पावर फैक्टर सुधार पर प्रोत्साहन
ऑफ-पीक आवर्स में उपयोग बढ़ाने हेतु रियायत