एनसीआईएसएम आयुर्वेद इलेक्टिव कोर्स की फीस से परेशान आयुर्वेद छात्र : इलेक्टिव फीस फ्री करने की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, गुजरात, नईदिल्ली, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड समेत देशभर के 600 से ज्यादा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में मापदण्ड व पाठ्यक्रम निर्धारित करने वाला बोर्ड नेशनल कमीशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन ( एनसीआईएसएम) नईदिल्ली द्वारा बीएएमएस की साढ़े पांच वर्षीय स्नातक कोर्स के दौरान इलेक्टिव कोर्सेस की अनिवार्यता के कारण छात्रों को कॉलेज की फीस के अलावा इलेक्टिव कोर्स हेतु फीस पे करनी पड़ रही है। जो सीधे एनसीआईएसएम को छात्रों द्वारा दी जाती है। जिसके कारण छात्रों को अतिरिक्त फीस वहन करनी पड़ रही है। जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ये है मांग

अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन की शाखा मध्यप्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के सदस्य व आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पाण्डेय ने ऑनलाइन इलेक्टिव कोर्स को फ्री करने की मांग की है। इसके लिये केंद्रीय आयुष मंत्री, केंद्रीय आयुष सचिव , एनसीआईएसएम व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया जा रहा है ताकि हस्तक्षेप कर छात्रों हेतु इलेक्टिव कोर्स फ्री किये जा सकें।

यह है स्थिति

डॉ पांडेय का कहना है कि बेसिक ऑफ फॉर्मेकोलॉजी, फंडामेंटल्स ऑफ आयुर्वेद, बेसिक ऑफ फिजियोथेरेपी, साइंस इन संस्कृत, बेसिक ऑफ मॉयक्रोबॉयलॉजी, इपिडिमियोलॉजी, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, टेक्निक्स ऑफ फर्माकोगनोसी, फंडामेंटल ऑफ चाइल्ड साइकोलॉजी, बेसिक ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन, प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, मेडिसिनल प्लांटेशन, मेडिकल एस्ट्रोलॉजी, टेलीमेडिसिन एण्ड टेलेहेल्थ समेत विभिन्न कोर्स की प्रति कोर्स 500रु फीस रखा गया है। ज्ञात रहे कि प्रति छात्र वैसे भी निजी आयुर्वेद कॉलेजों में दो लाख से लेकर पांच लाख तक प्रतिवर्ष छात्र फीस देते हैं। यही फीस बड़ी मुश्किल से दे पाते हैं और इलेक्टिव की फीस प्रतिप्रॉफ छात्र कम से कम 1770/- रु जीएसटी समेत एक्स्ट्रा देना अनेक छात्रों के लिये मुसीबत बन जाता है। प्रदेश समेत देशभर के 600 से ज्यादा आयुर्वेद कॉलेजों में प्रतिवर्ष 40 हजार से ज्यादा छात्र प्रवेश लेते हैं। देशभर से आयुर्वेद इलेक्टिव कोर्स में छात्र प्रतिप्रॉफ मिनिमम सात करोड़ आठ लाख रुपये से ज्यादा एनसीआईएसएम को अदा करते हैं। एनसीआईएसएम व आयुष मंत्रालय को चाहिये कि इसे फ्री करें ताकि छात्रों को आर्थिक समस्या से कुछ हद तक निजात मिल सके।

छात्रों के हित में कोर्स फ्री हो

एनसीआईएसएम को देशभर के आयुर्वेद कॉलेजों में इलेक्टिव कोर्स को फ्री कर देना छात्र हित में रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से हस्तक्षेप की मांग की है।

— डॉ राकेश पाण्डेय
राष्ट्रीय प्रवक्ता — आयुष मेडिकल एसोसिएशन

Back to top button