
इजरायली संसद में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री का भाषण हुआ। इजरायली संसद नेसेट में जैसे ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे, संसद मोदी-मोदी के नारे से गूंज उठा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायली संसद के सर्वोच्च सम्मान “स्पीकर ऑफ द नेसेट” मेडल से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारत और इजरायल के संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए व्यक्तिगत नेतृत्व प्रदान करने के लिए दिया गया है। इसके पहले वर्ष 2018 में पीएम मोदी को फिलीस्तीन का सर्वोच्च सम्मान द ग्रैंड कालर ऑफ फलस्तीनी सम्मान दिया गया था।
भारत इजरायल के साथ खड़ा है
मोदी ने इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत उनके साथ आज भी है और आगे भी रहेगा। पीएम मोदी ने गाजा शांति प्रयासों के प्रति भी भारत का समर्थन दोहराया। मोदी ने कहा कि शांति का रास्ता आसान नहीं होता, इस क्षेत्र में शांति के लिए हम आपके साथ हैं। पीएम मोदी ने मुंबई हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हम 26/11 नहीं भूले हैं और न कही इजरायल पर सात अक्टूबर 2023 को हुआ हमला भूले हैं। भारत इजरायल पर हुए इस हमले की निंदा करता है। भारत और इजरायल मिलकर दुनिया से आतंकवाद को उखाड़ फेकेंगे। दोनों देश आतंक से पीडि़त रहे हैं। आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नही ठहराया जा सकता।
नेतन्याहू भावुक हुए
नेसेट में स्वागत के दौरान नेतन्याहू ने पीएम मोदी को प्रिय मित्र बताया। उनहोंने कहा कि मैं आपकी यात्रा से इतना भाव-विभोर हूं जितना कभी नहीं हुआ। आप मेरे दोस्त से बढ़कर भाई हो।
नेतन्याहू ने पीएम मोदी का स्वागत किया कहा- बहुत वेलकम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इजरायल पहुंचे तब एयरपोर्ट पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेजामिन नेत्नयाहू पत्नी सारा के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी को रेड कारपेट स्वागत के साथ-साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। नेतन्याहू ने स्वागत के दौरान हिंदी में कहा बहुत वेलकम।